हल्द्वानी। रामनगर में तीन दिन तक चला जी-20 समिट कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हो गया। पुलिस अधिकारियों से लेकर सिपाही तक सभी मुस्तैदी से तैनात रहे। बृहस्पतिवार को डेलीगेट्स के जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। बृहस्पतिवार शाम सम्मेलन के लिए आई फोर्स को मूल तैनाती पर भेज दिया है।
जी-20 की तीन दिनी प्रमुख बैठक उत्तराखंड के रामनगर में रखी गई थी। पुख्ता सुरक्षा के साथ इसे संपन्न कराना कुमाऊं पुलिस फोर्स के लिए बड़ी चुनौती था। सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाने के लिए एटीएस और पैरामिलिट्री और आईबी समेत तमाम एजेंसियां जुटी हुई थीं। 27 मार्च को पंतनगर हवाई अड्डे से रामनगर तक लाने और यहां रुकने व कार्बेट घूमने और वापस लौटने तक पुलिस की मुस्तैदी की प्रशंसा की तारीफ खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुले मंच पर की। पुलिस ने पूरे रामनगर क्षेत्र को दो जोन और सात सेक्टर में बांटा था। जोन और सेक्टर में एटीएस की चार टीमों के 26 जवान, 23 सीओ, एक सीएफओ, 31 इंस्पेक्टर, 136 दरोगा, 363 हेड कांस्टेबल, सिपाही और यातायात पुलिस के जवान, 65 फायर सर्विस जवान, बॉम डिस्पोजल स्क्वाड की तीन टीमें, चार कंपनी पीएसी और आईआरबी, दो कंपनी प्लाटून, 10 टीमें सीपीयू, एसडीआरएफ की चार टीम, दो एलआईयू इंसपेक्टर, 32 एसआई, 30 हेड कांस्टेबल और 22 सिपाहियों की तैनाती की गई थी।