नैनीताल। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की सेवानिवृत्ति पर दो जनवरी को फुल कोर्ट रिफ्रेंस कर उन्हें विदाई दी जाएगी। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल विवेक भारती शर्मा की ओर से इस आशय का नोटिस जारी कर दिया गया है। बता दें कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की सेवानिवृत्ति के बाद यहां मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी के साथ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा, न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा रहेंगे। जजों की संख्या इतनी कम होना उत्तराखंड में पहली बार हुआ है। इसके बाद कभी भी न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा का झारखंड के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नोटिफिकेशन आता है तो हाईकोर्ट में केवल चीफ जस्टिस के साथ ही चार जजों की ही संख्या रह जाएगी।
न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे 1987 में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में शामिल हुए। बरेली, बदायूं, बिजनौर, नैनीताल और खटीमा में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में कार्य किया। जस्टिस खुल्बे 1999 में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर बने। उसके बाद 2001 से 2003 तक ऊधम सिंह नगर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया। हरिद्वार, हल्द्वानी और रुड़की में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, औद्योगिक अधिकरण, हल्द्वानी के पीठासीन अधिकारी और जुलाई, 2010 में जिला न्यायाधीश उत्तरकाशी के रूप में भी काम किया। उन्होंने 2013 में सचिव लोकायुक्त के रूप में कार्य किया। 3 दिसंबर 2018 को वे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए।