किसान के परिजनों को मुआवजा चैक देते हुए वन कर्मी।
रामनगर। बांसीटीला में बाघ को पकड़ने के लिए वन कर्मी कॉर्बेट पार्क की सघन अभियान चला रही है। वन कर्मियों की टीम कैमरा ट्रैप के माध्यम से बाघ की मूवमेंट पर नजर रख रही है। उम्मीद है कि वन कर्मियों की टीम बाघ को पकड़ लेगी। दूसरी ओर, बाघ के हमले में मारे गए मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया और वन कर्मियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा चेक दिया।
42 वर्षीय प्रमोद तिवारी उर्फ पप्पू तिवारी पर लालपुर बांसीटीला में बुधवार की शाम गेहूं की खेत में पहरेदारी करते हुए बाघ ने हमला कर मार डाला था। किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश था। उन्होंने वनकर्मियों को खरीखोटी सुनाई और शव उठने नहीं दिया। रात करीब 12:30 बजे के आसपास किसी तरह ग्रामीण माने और वन कर्मियों ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बृहस्पतिवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव जब गांव पहुंचा तो लोगों की आंखें नम हो गईं। दोपहर में रामनगर के श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया। वहीं बाघ को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरे को उड़ाया गया और उसकी पल-पल की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। कॉर्बेट पार्क के उपनिदेशक दिगांथ नायक ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम जुटी है। उम्मीद है कि जल्द ही बाघ को पकड़ लिया जाएगा।
25 लाख मुआवजा देने की मांग कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंजर भानु प्रकाश हर्बोला ने बताया कि पार्क वार्डन अमित ग्वासीकोटी सहित अन्य वनाधिकारियों ने मृतक किसान की पत्नी मंजू को मुआवजा का चेक दिया। अभी छह लाख रुपये मुआवजा राशि का 30 फीसदी यानी एक लाख 80 हजार रुपये का चेक दिया गया। बासीटीला गांव में प्रमोद तिवारी उर्फ पप्पू तिवारी को बाघ द्वारा मारे जाने पर संयुक्त संघर्ष समिति ने दुख व्यक्त किया है। समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने कहा कि अब जंगल जाना तो दूर खेतों में काम करना भी मुश्किल हो चुका है। मृत व्यक्ति के परिवार को 25 लाख का मुआवजा तुरंत दिया जाए और उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। वहीं रामनगर के विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने बृहस्पतिवार को मृतक किसान के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मृतक के परिजनों को हर संभव मदद करने का भरोसा दिया।