माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। पुलिस और एसओजी की टीम ने रामपुर रोड की गली नंबर नौ में छापा मारा। इस दौरान यहां ऑनलाइन सट्टा लगाया जा रहा था। पुलिस ने सट्टा सरगना और चार अन्य आरोपियों को 15 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया। साथ ही एक लैपटॉप, 11 मोबाइल सहित कई उपकरण बरामद किए।
बहुउद्देशीय भवन में रविवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि पुलिस को खबर मिली थी गली नंबर नौ निवासी मनोज कुमार गुप्ता पुत्र गंगाशरण गुप्ता अपने घर से सट्टे का ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार चला रहा है। इस पर पुलिस और एसओजी की टीम ने शनिवार रात मनोज गुप्ता के घर पर दबिश दी तो मनोज के साथ चार और लोग दबोचे गए। मौके से पुलिस ने मनोज के पास से नोटों भरा बैग बरामद किया, जिसमें 801640 रुपये थे।
एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि मनोज गुप्ता सट्टा सरगना है। मनोज के अलावा मौके से पकड़े गए अभिषेक अग्रवाल पुत्र ओमप्रकाश अग्रवाल निवासी सतीश कॉलोनी हीरानगर के पास से 59 हजार रुपये, मो. कामिल पुत्र नाजिम खां निवासी लाइन नंबर 18 लाल स्कूल बनभूलपुरा के पास से कुल 2.5 लाख रुपये, विशाल गुप्ता पुत्र मुकेश गुप्ता निवासी गली नंबर नौ रामपुर रोड के कब्जे से 2.30 लाख रुपये और रोहित गुप्ता पुत्र धर्मपाल गुप्ता निवासी धानमिल बरेली रोड के पास से 1.70 लाख रुपये बरामद किए गए।
इसके साथ इनसे 11 मोबाइल के साथ मौके से एक लैपटॉप बरामद किया गया, जिसे अभिषेक चला रहा था और सट्टा लगवा रहा था। इनके पास से कुल 15,01,640 रुपए नगद बरामद हुए।
पांच हजार में दिल्ली के आदमी से खरीदा था एप
हल्द्वानी। मंगलपड़ाव चौकी इंचार्ज दिनेश जोशी ने बताया कि मनोज ने ऑनलाइन सट्टा लगाने वाला एप बैटिंग असिस्टेंट आई बुक दिल्ली के एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये में खरीदा था। वह इसी एप से सट्टा लगवाता था।
श्रीलंका-बंग्लादेश के मैच में लगाया था 19 लाख का सट्टा
हल्द्वानी। पुलिस ने बताया कि मनोज लोगों को ग्राहक बनाने के लिए पहले उनकी लिमिट बनाता था। ये लिमिट ऐप में बनाई जाती थी और इसका पैसा कैश लिया जाता था। शनिवार को जब पुलिस ने मनोज के घर पर दबिश दी तो श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट मैच चल रहा था। पुलिस ने मौके से 15 लाख बरामद कर लिए, लेकिन इस मैच पर 19 लाख रुपये से अधिक दांव पर लगे थे।
मनोज गुप्ता का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
हल्द्वानी। पुलिस ने मौके से मिले लैपटॉप और कुछ रजिस्टर को अपने कब्जे में लिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बरामद रजिस्टर में दो सौ से अधिक लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। ये वे लोग हैं जो मनोज गुप्ता के नियमित ग्राहक हैं और लगभग सभी मैच पर सट्टा लगाते हैं। पुलिस मनोज गुप्ता के नेटवर्क को तलाश रही है।
लैपटॉप उगलेगा राज
हल्द्वानी। पुलिस के हाथ एक लैपटॉप भी लगा है। इस लैपटॉप की पुलिस ने अभी जांच नहीं की है। पुलिस लैपटॉप की जल्द ही जांच करेगी। पता चला है कि इस लैपटॉप में मनोज गुप्ता के कई राज हैं। लैपटॉप में और भी लेनदेन की बात सामने आई है।