तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज में लकड़ी तस्करी का विरोध करने पर तस्करों ने वनकर्मियों पर फायरिंग कर दी। जवाब में वनकर्मियों ने भी फायर किए। खुद को घिरता देकर तस्कर अपने वाहन और काटी गई लकड़ी छोड़कर फरार हो गए। टीम ने एक पिकअप, एक मोटरसाइकिल और सागौन के पांच गिल्टे पकड़े हैं।
रेंजर रूपनारायण गौतम ने बताया कि बुधवार देर रात करीब तीन बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि टांडा रेंज के जंगल में सागौन की लकड़ी की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। जंगल में पहले से सागौन के गिल्टे रखे हुए थे। कुछ देर बाद पिकअप वाहन मौके पर पहुंचा। वाहन में सवार तस्कर लकड़ी लोड करने लगे। इसी दौरान वनकर्मियों ने टॉर्च की रोशनी डालकर रुकने का इशारा किया। आरोप है कि तस्करों ने वन टीम पर फायरिंग कर दी जिसके जवाब में वनकर्मियों ने भी फायर किए। अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर आरोपी भाग गए। इस दौरान वन विभाग ने सागौन के पांच गिल्टे, पिकअप वाहन और बाइक जब्त कर ली है।
रेंजर रूपनारायण गौतम ने बताया कि आकाश सिंह निवासी सांपकठानी, गुर्जर खत्ता की पहचान हुई है। वह पहले भी लकड़ी तस्करी के मामलों में जेल जा चुका है। आरोपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है।