मुंबई से ट्रेन में बैठे रामनगर की युवा
- फोटो : AMAR UJALA
रामनगर (नैनीताल)। रोजीरोटी की तलाश में मुंबई गए रामनगर के दस युवक वहां पर फंस गए थे। अमर उजाला ने इनकी व्यथा को प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिस पर स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और मुंबई से अधिकारियों से वार्ता की गई। मंगलवार की रात रामनगर के सभी युवाओं को रेल के माध्यम से हरिद्वार के लिए रवाना कर दिया गया है और वे हरिद्वार से रामनगर बसों से आयेंगे। मुंबई अंधेरी पाइप लाइन के पास मरोल पाइप नाम की चॉल में ये युवक ढाई माह से फंसे हुए थे। इनमें रामनगर के चिल्किया निवासी भोपाल सिंह जमवाल, रिंगोड़ा निवासी पंकज रौतेला, दीपक रावत, पूछड़ी निवासी मनोज हाल्सी, टेड़ा निवासी यशपाल रावत व रेशू रावत, कोटाबाग के शेखर रावत, जमन सिंह, विक्रम सिंह, हिमांशु के अलावा सल्ट निवासी विक्रम सिंह, टिहरी निवासी आशीष नेगी शामिल हैं। ये सभी मुंबई के होटल व रेस्टोंरेंट में काम करते थे। 22 मार्च से सभी लोग खाली बैठे है। जो रुपया था वह भी अब खत्म होने वाला है। जिस क्षेत्र में वे रहते हैं वहां के आसपास कोरोना के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में वे डरे हुए हैं। चॉल का सॉर्वजनिक शौचालय है, जिसमें जाने के लिए तीन रुपये देने होते हैं। शौचालय में सभी तरह के लोग आते हैं। इन युवाओं के दर्द को अमर उजाला ने 18 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर स्थानीय हरकत में आया और रामनगर के सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र शर्मा ने प्रशासन के सहयोग से मुंबई के अफसरों से संपर्क साधा। इसके बाद मंगलवार की रात सभी को हरिद्वार को आने वाली रेल में बैठा दिया गया। अब ये हरिद्वार से बस के जरिए रामनगर पहुंचेंगें।