हल्द्वानी। गौलापार सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट से विभाग की ओर से तैयार स्लज (खाद) को किसानों को बांटने से पहले इसकी प्रमाणिकता की जांच की जाएगी। पेयजल निगम को स्लज को खाद के रूप में देने से पहले इसका लाइसेंस लेना होगा। पेयजल निगम ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।
पेयजल निगम की ओर से संचालित गौलापार सेप्टेज प्लांट से ट्रीटमेंट के बाद निकलने वाले स्लज यानी खाद को कृषि विभाग को देने की तैयारी है। खाद का प्रयोग कृषि में करने से पहले विभाग ने पेयजल निगम से इसकी जांच लैब में कराने और लाइसेंस उपलब्ध कराने को कहा है।
गौलपार रोखड़ में संचालित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से हर दिन अधितम एक क्विटंल स्लज खाद तैयार होती है। विभाग ने इसे परिसर में ही सुखाकर संचय किया है। पेयजल निगम के ईई एके कटारिया का कहना है कि कृषि विभाग ने स्लज के कृषि योग्य होने की जांच रिपोर्ट और लाइसेंस उपलब्ध कराने के लिए कहा है। पत्र के क्रम में कार्रवाई की जा रही है।