भीमताल (नैनीताल)। विधायक राम सिंह कैड़ा ने भीमताल ब्लॉक में दो महिलाओं को मौत के घाट उतारने वाले नरभक्षी के अब तक पकड़े नहीं जाने पर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि मामले में वन विभाग की कार्रवाई शून्य प्रतीत हो रही है।
विधायक ने बृहस्पतिवार को भीमताल में प्रेस वार्ता कर नैनीताल डीएफओ से बाघ को पकड़कर ग्रामीणों को वन्यजीव के आतंक से निजात दिलाने को कहा। कैड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि डीएफओ की ओर से बाघ को लेकर बार-बार बयान बदले जा रहे हैं। कैड़ा ने कहा कि बाघ के खौफ से मलुवाताल और पिनरों के ग्रामीण घरों से बाहर निकलने में डरने लगे हैं। महिलाएं अपने मवेशियों के लिए चारा तक नहीं ला पा रही हैं। विधायक ने कहा कि घटना के आठ दिन बाद भी बाघ विशेषज्ञ, वन विभाग की टीम खाली हाथ है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अनिल चनौतिया, पंकज जोशी, कमल जोशी आदि रहे।
बाघ विशेषज्ञ और वन विभाग की टीम गश्त में जुटी
भीमताल ब्लॉक के मलुवाताल और पिनरों गांव में नरभक्षी के आतंक से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन विभाग की ओर बाघ विशेषज्ञ, 75 से अधिक वन कर्मी, पिंजरे, ट्रैप कैमरे और एसडीआरएफ की टीम नरभक्षी की मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से बाघ के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
वन क्षेत्राधिकारी, नितिन पंत ने बताया कि हमारी टीम नजर बनाए हुए हैं। ट्रैप कैमरे में अभी कुछ नजर नहीं आया है। क्षेत्र में बाघ और तेंदुए का मूवमेंट है। घटनास्थल से सैंपल लिए गए हैं। सैंपल की जांच होने के बाद ही हमलावर वन्यजीव के बाबत स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।