कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को बाघ पकड़ने के लिए ज्ञापन सौंपते लोग।
भीमताल (नैनीताल)। नरभक्षी के हमले में दो महिलाओं की मौत के बाद से भीमताल ब्लॉक के मलुवाताल और पिनरों के ग्रामीणों में भय का माहौल है। नरभक्षी के भय से ग्रामीण शाम चार बजे बाद अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वन विभाग की टीम बाघ विशेषज्ञों के साथ मलुवाताल, पिनरों, हैड़ाखान, दुदुली, अम्दौ समेत अन्य गांवों में जुटी है।
मलुवाताल और पिनरों क्षेत्र में वन विभाग की ओर से लगाए ट्रैप कैमरे में तेंदुए की फोटो कैद होने के साथ हैड़ाखान के भूडिया गांव के गौला नदी में बाघ के पगचिह्न मिले हैं। वन विभाग की ओर से मलुवाताल से पिनरों के बीच 9 पिंजरे लगाए गए है। वन क्षेत्राधिकारी नितिन पंत ने बताया कि वन विभाग की टीम क्षेत्र में बाघ और तेंदुए की मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं। उम्मीद है जल्द ही नरभक्षी को पकड़ लिया जाएगा। शनिवार को भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से बाघ के आतंक से निजात दिलाने के लिए ज्ञापन सौंपा। कैड़ा ने वन मंत्री से बाघ को पकड़ने के लिए बाघ विशेषज्ञों की संख्या के साथ वनकर्मियों की टीम भी बढ़ाने की मांग उठाई है। संवाद
कमिश्नर से भी लगाई गुहार
भीमताल के मलुवाताल समेत अन्य गांवों में बाघ और तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने के लिए कांग्रेसियों और जनप्रतिनिधियों ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को ज्ञापन सौंपा। मनोज शर्मा ने कमिश्नर को बताया कि वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कमिश्नर से गांव में सोलर लाइट लगाने की मांग उठाई। इस दौरान भुवन दरमवाल, दयाकिशन बेलवाल, युगल किशोर पलड़िया आदि रहे। इधर, भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने शनिवार को पिनरों के डोब गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने नरभक्षी के हमले में मृत महिला के परिजनों से मुलाकात की। ब्लॉक प्रमुख ने जानवरों के चारे के लिए भूसा उपलब्ध कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान प्रधान तारा पलड़िया, लक्ष्मण सिंह गंगोला आदि रहे।