हल्द्वानी। मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सब्सिडी पर कंपोस्ट खाद और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उद्यान विभाग ने हल्द्वानी के ग्रामीण क्षेत्र फतेहपुर को मशरूम गांव के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है जिसमें कुछ यूनिटें इस गांव में खुल चुकी हैं। इसके अलावा हल्दूचौड़ क्षेत्र में भी मशरूम को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक बीसी कांडपाल ने बताया कि युवा किसान मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में आगे आ रहे हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां पुराने घर या कमरे हैं उनमें युवा मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। बताया कि राज्य सरकार की ओर से भी मशरूम उत्पादन करने के लिए किसानों को कंपोस्ट खाद में 80 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। इसी के चलते उद्यान विभाग ने हल्द्वानी के फतेहपुर को मशरूम गांव के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत विभाग की ओर से 43 किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया जिसमें से 20 किसानों ने मशरूम यूनिट खोलने के लिए आवेदन किया था और उद्यान विभाग ने इनकी कंपोस्ट यूनिट भी स्वीकृत कर दी है।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक कांडपाल ने बताया कि सबसे ज्यादा आवेदन फतेहपुर से हैं। अब तक क्षेत्र में पांच यूनिट लग चुकी हैं और 15 किसानों के यहां जल्द लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन के लिए इच्छुक व्यक्ति प्रभारी सचल उद्यान केंद्र हल्द्वानी में आवेदन कर सकते हैं। मुख्य उद्यान अधिकारी की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद मशरूम यूनिट स्थापित की जाएगी।
31 ग्राम सभाओं में 10,300 फलों के बांटे पौधे
हल्द्वानी। उद्यान विभाग सचल दल केंद्र की ओर से वित्तीय वर्ष में 31 ग्राम सभाओं में 10,300 किसानों को फल पौधे बांटे गए हैं। वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक बीसी कांडपाल ने बताया कि इसके अलावा विभागीय योजना के तहत दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम के नए बगीचे, दो हेक्टेयर में अमरूद, एक हेक्टेयर में लीची के बगीचे लगाए हैं। सब्जी और फसलों को बढ़ाने के लिए दो हेक्टेयर में गोभी के बीज और पौधे और एक हेक्टेयर में टमाटर के बीच बो रखे हैं।