सांवल्दे वन चौकी पर सुबह पांच बजे धरना देते ग्रामीण।
रामनगर (नैनीताल)। संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर रविवार सुबह ढेला-झिरना पर्यटन मार्ग को बंद कर दिया। इस दौरान जंगल सफारी के लिए पहुंचे पर्यटकों को इंतजार करना पड़ा। पुलिस के उठाने के बाद दोपहर में फिर से आंदोलनकारियों ने सेमखलिया चौराहे पर मार्ग को बंद कर दिया। पुलिस ने फिर से आरोपियों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए आंदोलनकारियों को पुलिस-प्रशासन ने देर शाम निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
वन्यजीव के हमले में मारे मृतकों के परिजनों को 25 लाख मुआवजा, घायलों को 10 लाख और उसके संपूर्ण इलाज की गारंटी की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आंदोलनरत हैं। मांगों पर शनिवार को वार्ता बेनतीजा रहने के बाद ग्रामीण रविवार सुबह पांच बजे से सांवल्दे वन चौकी के पास धरने पर बैठ गए।इस पर पीएसी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगांथ नायक, तहसीलदार कुलदीप पांडेय, ढेला रेंजर अजय कुमार ध्यानी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों को बताया कि धारा 144 लागू है, ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। डेढ़ घंटे तक ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस ने बलपूर्वक सभी को मौके से उठा दिया। मार्ग खुलने के बाद पर्यटकों की जिप्सियां जंगल सफारी के लिए गईं। आंदोलनकारियों को हिरासत में लेने की खबर मिलने के बाद अन्य ग्रामीण दोपहर दो बजे सेमलखलिया चौराहे पर धरने पर बैठ गए। एक घंटे बाद पुलिस ने फिर से बलपूर्वक सभी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने इन्हें हिरासत में लिया
पुलिस ने संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी, समाजवादी लोक मंच के संयोजक मुनीष कुमार, राजेंद्र सिंह, रोहित रुहेला और अन्य।
पकड़े गए लोगों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया है। पुलिस की ओर शांतिभंग चालान किए गए हैं। आंदोलनकारियों ने धारा 144 का उल्लंघन किया गया है। मामले की जांच की जाएगी।
राहुल शाह, एसडीएम रामनगर
सांवल्दे वन चौकी पर सुबह पांच बजे धरना देते ग्रामीण।