फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: राज्य में हर तीसरी महिला मोटापे का शिकार, NFHS-6 की रिपोर्ट में खुलासा; 34.3% महिलाएं ग्रस्त मिले

Wed, 12 Aug 2026 11:19 AM IST
Heera अमित उप्रेती

सार

एनएफएचएस-6 रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि महिलाओं में कुपोषण की समस्या भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। सर्वेक्षण के मुताबिक 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 34.3 प्रतिशत महिलाएं अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। 
विज्ञापन
मोटापा - फोटो : Adobe stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि महिलाओं में कुपोषण की समस्या भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। सर्वेक्षण के मुताबिक 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 34.3 प्रतिशत महिलाएं अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। पुरुषों में यह आंकड़ा 26.5 प्रतिशत है।

रिपोर्ट के मुताबिक 15.5 प्रतिशत महिलाओं और 17.8 प्रतिशत पुरुषों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) सामान्य से कम (18.5 से नीचे) है, जो कुपोषण की ओर संकेत करता है। वहीं 34.3 प्रतिशत महिलाएं और 26.5 प्रतिशत पुरुष अधिक वजन या मोटापे का शिकार हैं। शहरी क्षेत्रों में मोटापे की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक गंभीर है।

शहरी क्षेत्रों में 42.8 प्रतिशत महिलाएं और 28.7 प्रतिशत पुरुष अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतिशत क्रमशः 30.6 और 25.3 है। एनएफएचएस-5 (2019-21) की तुलना में महिलाओं में अधिक वजन या मोटापे का प्रतिशत 29.8 से बढ़कर 34.3 प्रतिशत हो गया है। वहीं पुरुषों में यह आंकड़ा 27.1 प्रतिशत से थोड़ा घटकर 26.5 प्रतिशत दर्ज हुआ है।

बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधि में कमी और असंतुलित खानपान मोटापे की बड़ी वजह हैं, जबकि कुपोषण और मोटापा दोनों का एक साथ होना दोहरी पोषण चुनौती है। शहरी क्षेत्रों में वर्कआउट कम रहता है। काम के लिए मशीनों पर निर्भरता, कैमिकल युक्त भोजन, फास्ट फूड का उपभोग अधिक होना मोटापे का प्रमुख कारण है। महिलाओं में तनाव के कारण काॅर्टिसोल हार्मोन बढ़ने से मोटापा बढ़ता है। - आशा सिंह, डाइटीशियन, एसटीएच।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें