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Nainital News: हर महीने बीमारी से सवा सौ लोगों को खून चढ़ाने की पड़ती जरूरत

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हल्द्वानी। थैलेसीमिया रोग से पीड़ित को हर महीने और कुछ को दो बार रक्त चढ़ाने की मजबूरी से गुजरना पड़ता है। बेस अस्पताल में करीब 120 थैलेसीमिया रोग पीड़ित रक्त की जरूरत के लिए पहुंचते हैं। इसी तरह करीब 25 लोग मेडिकल कालेज के सुशीला तिवारी अस्पताल के रक्त बैंक में पहुंचते हैं।
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डॉक्टरों के अनुसार थैलेसीमिया एक रक्त संबंधी आनुवांशिक बीमारी है जो माता-पिता के माध्यम से बच्चे में पहुंचती है। चिकित्सकों के अनुसार थैलेसीमिया पीड़ित व्यक्ति के रक्त में हीमोग्लोबीन नहीं बनता है। इससे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें संबंधित मरीज का शारीरिक विकास भी प्रभावित होता है। जीवन रक्षा के लिए हर महीने खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। बेस अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. उषा भट्ट कहती हैं कि उनके यहां 120 थैलेसीमिया पीड़ित जुड़े हैं। इसमें कई को महीने में दो बार भी हीमोग्लोबीन कम होने की स्थिति में खून चढ़ाने की नौबत आती है। बेस अस्पताल से प्रत्येक माह 150 यूनिट तक ब्लड थैलेसीमिया पीड़ित को दिया जाता है। सुशीला तिवारी अस्पताल की ब्लड बैंक की डॉ. तनुजा कहती हैं कि उनके यहां हर महीने 25 यूनिट ब्लड थैलेसीमिया रोगियों को दिया जाता है। थैलेसीमिया रोगियों का हीमोग्लोबीन नहीं बनता है, इससे उन्हें कई शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

निशुल्क खून देने का है नियम्र हल्द्वानी। बेस अस्पताल की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. उषा भट्ट कहती हैं कि थैलेसीमिया पीड़ित को रक्त उपलब्ध कराने के लिए कई व्यवस्थाएं हैं। इसमें पीड़ित व्यक्ति को डोनर लाने की जरूरत नहीं होती है। इसके अलावा कोई भी राशि नहीं ली जाती है।
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