नैनीताल जिले में एक सप्ताह बीतने के बाद भी वन विभाग ओखलकांडा और धारी में दो महिलाओं को मारने वाले तेंदुए का पता नहीं लगा पाया है। वन विभाग की ओर से ड्रोन और ट्रैप कैमरे के साथ ट्रैंक्यूलाइज के लिए लगाई टीम को सफलता नहीं मिल पाई है। तेंदुए के नहीं पकड़े जाने से ग्रामीणों में भय है।
बृहस्पतिवार को वनकर्मियों ने धारी और ओखलकांडा में जंगलों में गश्त की लेकिन तेंदुए का पता नहीं चल पाया। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ लगातार आबादी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। विभाग की ओर से 50 से अधिक ट्रैप कैमरे, सात से अधिक पिंजरे और 70 से अधिक वनकर्मियों की टीम गश्त में जुटी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को तेंदुए को जल्द पकड़ना चाहिए ताकि ग्रामीणों के भय का माहौल खत्म हो सके। वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट ने बताया कि जगह-जगह टीमें तैनात की गई हैं। पिंजरे, ट्रैप कैमरे और ड्रोन की मदद ली जा रही है।
वन सचिव से बोले विधायक- तेंदुए को मारे वन विभाग
ओखलकांडा की ग्राम पंचायत चमोली के तोक किटोडा में रेखा देवी को मारने वाले तेंदुए की दहशत कम नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की गुर्राहट घरों के पास गूंज रही है। इससे लोगों में भय का माहौल बना है। लोग शाम होने के बाद घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। महिलाएं चारा लेने जंगल नहीं जा रही हैं। बृहस्पतिवार को विधायक राम सिंह कैड़ा ने वन सचिव से वार्ता कर धारी और ओखलकांडा क्षेत्र में दो महिलाओं को मारने वाले आदमखोर तेंदुए को मारने के आदेश जारी करने की मांग की। कैड़ा ने कहा कि तेंदुए के भय से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। कैड़ा ने कहा कि भीमताल, धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ में तेंदुआ लगातार आबादी क्षेत्र में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि दो महिलाओं की मौत के बाद से ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी है। कैड़ा ने पिंजरे लगाने और वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने की भी मांग की।