हल्द्वानी। ऐसे कर्मचारी जिनके पीएफ का एक लाख रुपया ईपीएफओ में जमा है और उन्होंने 15 साल से ईपीएफओ में संपर्क नहीं किया है, अब उन्हें ढूंढकर उनके पीएफ का रुपया दिया जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन इसके लिए कर्मचारी के संबंधित संस्थान से संपर्क कर रहा है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने विगत दिनों जांच की तो पता चला कि कुमाऊं में ऐसे करीब 40 कर्मचारी हैं जिनका ईपीएफओ में एक लाख रुपये ज्यादा जमा है। उन्होंने ईपीएफओ से 15 साल से संपर्क भी नहीं किया है। अब इन कर्मचारियों के संबंधित संस्थानों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही क्रमबद्ध तरीके से इन्हें रुपया देने की तैयारी की जा रही है। अभी हाल में छह मामलों की जांच की गई। नियोक्ताओं से कहा जा रहा है कि आप कर्मचारी को ढूंढने में मदद कराएं जिससे उन तक उनका पीएफ वापस दिया जा सके। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त आदित्य साह ने बताया कि कभी-कभी कुछ कारणों से कई कर्मचारी अपने पीएफ का रुपया नहीं ले पाते हैं। ऐसे कर्मचारियों से संपर्क कर उनका रुपया देना हमारा फर्ज है।
पीएफ का पैसा न देने पर पांच संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी
हल्द्वानी। ईपीएफओ ने कर्मचारियों के पीएफ का रुपया नहीं देने पर पांच संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई लेकिन इन संस्थानों की ओर से कोई भी प्रतिनिधि पक्ष रखने नहीं आया। ईपीएफओ की ओर से कहा गया है कि इन पांचों संस्थानों के संबंध में किसी अन्य व्यक्ति को शिकायत करनी है तो एक सितंबर को शाम पांच बजे तक शिकायत कर सकता है। इसके बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी। इन पर देय निर्धारित किया जाएगा। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त आदित्य साह ने कहा कि अगर बाद में भी इनकी ओर से देय अदा करने में कोई सहयोग नहीं किया जाता है तो संबंधित आरोपियों की चल-अचल संपत्ति को जब्त किया जाएग और साथ ही गिरफ्तारी का वारंट भी जारी करवाया जाएगा।