मच्छरजनित बीमारी को लेकर खतरा बढ़ रहा है। एसटीएच में डेंगू के दो रोगी भर्ती हुए हैं, वहीं अस्पताल में भर्ती एक मरीज में दिमागी बुखार की पुष्टि हुई है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जल्द ही डेंगू का 16 बेड का अलग वार्ड तैयार किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अनुसार दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। मेडिसिन विभाग के एसो. प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह ने बताया कि अस्पताल में एक यूपी के धामपुर निवासी 59 वर्षीय व्यक्ति और पांडे निवास क्षेत्र के 39 वर्षीय व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई है।
डॉ. सिंह ने बताया कि एक रोगी ऊधम सिंह नगर का भर्ती है जिसमें दिमागी बुखार की पुष्टि हुई है। डेंगू के संदिग्ध तीन रोगी भी भर्ती हैं, जिनके कार्ड टेस्ट में रोग का पता चला है। इन रोगियों के एलाइजा जांच के लिए सैंपल को भेजा गया है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि अस्पताल में कई डेंगू के रोगी भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इसके अलावा स्क्रब टाइफस के छह रोगी भी भर्ती हैं। वहीं, जिले में रविवार को प्रदेश में सर्वाधिक कोरोना के नौ नए मरीज मिले। कुमाऊं में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर में एक भी नया रोगी नहीं मिला है।
अस्पताल की इमरजेंसी में रोगियों की लगी भीड़
बीते तीन दिनों में दो दिन ओपीडी सार्वजनिक अवकाश के कारण 12 बजे तक और एक दिन ओपीडी रविवार होने के कारण बंद रही। इसके चलते एसटीएच की इमरजेंसी में काफी लंबी लाइन लग रही। इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी कहते हैं कि सामान्य दिनों में इमरजेंसी की तीनों शिफ्ट में 150 तक मरीज पहुंचते थे। इन दिनों संख्या ढाई सौ तक पहुंच जा रही है, जिस भी दिन ओपीडी (नौ से दो बजे तक का समय होता है) 12 बजे तक होती है। उस दिन इमरजेंसी में दबाव बढ़ता है। इमरजेंसी में बुखार, निमोनिया, अनियंत्रित शुगर, हार्ट की दिक्कत आदि को लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।