रामनगर (नैनीताल)। 50 साल पुरानी प्रगतिशील सांस्कृतिक पर्वतीय समिति में पहली बार रामलीला का मंचन पर रोक लग गई है। दो गुटों की आपसी लड़ाई पहले चिट फंड सोसायटी और अब एसडीएम कोर्ट तक पहुंच गई है। एसडीएम के निर्देश पर पर्वतीय समिति की ओर से रामलीला मंचन के संचालन पर रोक लगाते हुए समिति पर ताला लगा दिया है।
वर्ष 2022 में आम सहमति से हुए चुनाव में गिरीश चंद्र मठपाल को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था जिसे लेकर समिति के सदस्य जगदीश तिवारी ने विरोध दर्ज किया। जगदीश तिवारी पक्ष की ओर से चिट फंड सोसायटी हल्द्वानी में नया चुनाव कराने और आजीवन सदस्यों से चुनाव की अर्जी दी गई है।
इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं को पेश करने की मांग की गई थी। ऐसे में काफी समय तक जब विवाद नहीं सुलझा तो उपनिबंधक हल्द्वानी चिट फंड सोसाइटी की ओर से एसडीएम कोर्ट में मामला दर्ज किया गया।
एसडीएम कोर्ट में आगामी 9 सितंबर को पहली तारीख है। वहीं चार सितंबर से रामलीला मंचन को लेकर कलाकारों की तालीम शुरू होनी थी। विरोध होने पर एसडीएम के निर्देश पर धारा 25/1 के तहत पर्वतीय समिति के संचालन पर रोक लगा दी गई है।
गिरीश चंद्र मठपाल ने कहा कि पर्वतीय समिति के अब तक 15 चुनाव हुए जिनमें 3 चुनावों के अलावा सभी चुनाव आम सहमति से हुए। दूसरे पक्ष की ओर विरोध किया तो एसडीएम के निर्देश पर किसी गतिविधि पर रोक लगा दी है।
जगदीश चंद्र तिवारी ने कहा कि चिट फंड सोसायटी ने पर्वतीय समिति के चुनाव को त्रुटिपूर्ण घोषित कर दिया था। नए चुनाव कराने को कहा था। अब मामला एसडीएम कोर्ट में है। 9 सितंबर को यदि कोई फैसला नहीं होता है तो फिर रिसीवर/प्रशासक पर्वतीय समिति की देखरेख करेंगे।
एसडीएम राहुल शाह ने कहा कि 9 सितंबर को कोर्ट में तारीख है। समिति में दो पक्षों में विवाद चल रहा है। फिलहाल समिति के संचालन पर रोक लगा दी गई है। समिति के नाम पर कोई चंदा नहीं एकत्र करेगा।