तराई के ऊधमसिंह नगर में नशीली गोलियों की सबसे बड़ी खेप पकड़ी जा रही है तो पहाड़ भी इस कारोबार की पहुंच से अछूता नहीं है। कुमाऊं के मैदानी और पर्वतीय जिलों में नशे की गोलियों व इंजेक्शनों की तस्करी का फैलता दायरा चिंता बढ़ा रहा है। जनवरी से सितंबर 2026 तक पुलिस ने पूरे मंडल में 49,797 नशीली गोलियां और 1,889 इंजेक्शन बरामद किए। इसी दौरान एनडीपीएस के 439 मामलों में 569 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
तराई के ऊधमसिंह नगर से अकेले 47,629 गोलियां बरामद हुईं, जो कुमाऊं में पकड़ी गई कुल गोलियों का करीब 96 प्रतिशत है। पहाड़ में भी चंपावत से 1,968 और नैनीताल से 200 गोलियां बरामद हुईं। इंजेक्शन की बरामदगी में नैनीताल 1,161 के साथ सबसे आगे रहा। चंपावत से 391 और ऊधमसिंह नगर से 337 इंजेक्शन पकड़े गए। स्मैक और चरस की बरामदगी भी इस तस्वीर को और गंभीर बनाती है। नौ माह में कुमाऊं से 8.345 किलोग्राम स्मैक और 54.192 किलोग्राम चरस बरामद हुई। बड़ी बरामदगी और लगातार गिरफ्तारियों के बावजूद नशे की आपूर्ति की जड़ तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई में छोटे पैडलर तो पकड़ में आ रहे हैं, लेकिन बड़े सप्लायर और नेटवर्क संचालक अब भी पकड़ से दूर बताए जा रहे हैं। इससे पहाड़ से लेकर तराई तक नशे के इस कारोबार की पूरी श्रृंखला पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
(पकड़े गए मादक पदार्थों की मात्रा किग्रा. में)
जिला- स्मैक चरस गोली इंजेक्शन
नैनीताल- 2.583 18.71 200 1161
यूएस नगर- 4.367 5.15 47629 337
अल्मोड़ा- 0.163 3.59 00 00 00
बागेश्वर- 0.55 10.24 00 00
चंपावत- 0.947 5.21 1968 391
पिथौरागढ़- 0.200 11.41 00 00
कुल- 8.345 54.192 49797 1889
(कुमाऊं में मादक पदार्थ तस्करी के दर्ज मामले व गिरफ्तार आरोपी)
जिला- प्राथमिकी- गिरफ्तार
नैनीताल- 95 116
यूएस नगर- 218 279
अल्मोड़ा- 34 59
बागेश्वर- 24 34
चंपावत- 47 63
पिथौरागढ़- 21 23
कुल- 439 569
(नोट : आंकड़े कुमाऊं पुलिस के अनुसार हैं)
ड्रग फ्री उत्तराखंड अभियान के तहत सभी जिलों में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान जारी है। सभी जिलों के एसपी और एसएसपी को सख्त निर्देश हैं कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को बख्शा न जाए। पुलिस अब तक बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ, गोलियां और इंजेक्शन जब्त कर चुकी है। तस्करी करने वाले भी गिरफ्तार हुए हैं। -निवेदिता कुकरेती, आईजी कुमाऊं