नैनीताल। सांस्कृतिक संस्था मंच के संस्थापक इदरीश मलिक ने कहा कि वह उत्तराखंड की संस्कृति और नाट्य गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में रोड़े अटकाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मलिक का कहना है कि पिछले दिनों पालिका प्रबंधन ने उनके और उनके साथियों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें वह कोर्ट से बरी हो चुके हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ वह मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे।
पिछले वर्ष अगस्त में मल्लीताल क्षेत्र में स्थित बीएम शाह पार्क में लगे पोस्टरों को पालिका ने हटवा दिया था। इस मामले को लेकर पालिका प्रबंधन और रंगकर्मियों के बीच विवाद भी हुआ था। बाद में पालिका प्रबंधन की ओर से मामले में कई रंगकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में कोर्ट से बरी होने के बाद रंगकर्मी इदरीश मलिक और उनकी पत्नी कमल मलिक ने बुधवार को यहां पत्रकारों से कहा कि 13 अगस्त 2022 को उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। ऐसे लोगों ने वर्ष 1952 से चले आ रहे शरदोत्सव को भी बंद करा दिया है।
कहा कि यह लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल आदि से नफरत करते हैं। उन्होंने कहा कि नगर में 17 लोग नेशनल स्कूल आफ ड्रामा से प्रशिक्षित हैं और 12 लोग फिल्म और टेलीविजन इंस्टीट्यूट से जुड़े हैं। कहा कि यह सभी लोग एकजुट होकर उत्तराखंड में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करते रहेंगे।