नैनीताल। सांस्कृतिक संस्था युगमंच की बैठक में 30वें होली महोत्सव की कार्यशाला पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊंनी होली के पारंपरिक स्वरूप को भविष्य में जीवंत रखने के लिए कार्यशाला बहुत जरूरी है। आज के बाल कलाकार इसका अहम माध्यम है। इसमें विभिन्न विषय विशेषज्ञों की ओर से बाल कलाकारों को होली पर्व की गायकी के मूल की जानकारी देते हुए गायकी की बारीकियां सिखाई जाती हैं। संगठन की ओर से नवीन बेगाना, मोहन चंद्र जोशी व मनोज कुमार को इसकी जिम्मेदारी दी। बैठक में संस्था प्रमुख जहूर आलम आदि रहे।