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Nainital News: कठिन डगर पर मुश्किल सफर, सिस्टम है लचर

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कहीं भूस्खलन तो कहीं दरकती पहाड़ियों के बीच सफर करना मजूबरी बन गया है। कभी भी पहाड़ी से मलबा, पत्थर गिर जाता है और सड़क घंटों बंद हो जाती है। क्वारब की पहाड़ी दरकने से भवाली-अल्मोड़ा हाईवे बृहस्पतिवार रात दस बजे बंद हो गया और 15 घंटे बाद शुक्रवार दोपहर एक बजे आवाजाही सुचारू हो सकी। काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग का भी यही हाल है। शुक्रवार को मलबा आने से मार्ग एक घंटे तक बंद रहा। 40 गांवों को जोड़ने वाला यह मार्ग 60 दिन में करीब 30 बार बंद हो चुका है। नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर दबाव कम करने के लिए बनाया गया देवीधुरा-बसानी मार्ग एक बरसात ही नहीं झेल पाया और चौपहिया वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। यहां 19 जगह डेंजर जोन बन गए हैं। पेश है जिले की तीन प्रमुख्ा सड़कों पर अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट।





हैड़ाखान मार्ग : 60 दिन में 30 बार हुआ बंद

माई सिटी रिपोर्टर

हल्द्वानी। काठगोदाम-हैड़ाखान-सिमलिया बैंड मार्ग का निर्माण वर्ष-1973 में हुआ था। यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है। यहां से लोग चंपावत जिले भी जाते है। इस मार्ग के किमी आठ पर पिछले साल नवंबर से में भूस्खलन हो गया था। तब से मार्ग से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। बारिश के दिनों में मुसीबत और बढ़ गई। मलबा आने से दो माह में करीब 30 बार मार्ग बंद करना पड़ा। इस मार्ग पर पसौली के पास भूस्खलन हो रहा है, जबकि किमी 17 के पास भूधंसाव की समस्या बनी हुई है। इस मार्ग पर हर रोज करीब दो हजार वाहन गुजरते हैं। मार्ग दुरुस्त करने के लिए कई बार प्रदर्शन हुआ है। यहां एक टीम तैनात की गई है जो मार्ग बंद होने पर तत्काल खोलने की कवायद में जुट जाती है। शुक्रवार सुबह 10:30 से 11:30 बजे तक भूस्खलन होने के कारण मार्ग बंद रहा।
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देवीधूरा-बसानी रोड : 19 डेंजर जोन



नैनीताल।
नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर दबाव कम करने और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के लिए 30 करोड़ की लागत से देवीधुरा-बसानी मार्ग बनाया गया। पर यह रास्ता एक ही बरसात नहीं झेल पाया और चौपहिया वाहनों के लिए कई दिनों से बंद है। इस मार्ग पर 19 जगह डेंजर जोन बन गए हैं।

नैनीताल से फतेहपुर के लिए वर्ष-2012 से पीएमजीएसवाई ने देवीधूरा बसानी मार्ग का कार्य शुरू किया था। सड़क बनने में 11 साल और 30 करोड़ रुपये लगे तब कहीं 32 किलोमीटर लंबी सड़क बनकर तैयार हुई। बीते जून में सड़क पर डामरीकरण का कार्य पूरा होने के साथ ही सफल ट्रायल भी किया गया। इससे देवीधूरा, पापड़ी, कोट, बोहरागांव, मौना, बाना, सेला, नाइसिल व बेल के ग्रामीणों को सड़क का फायदा मिल रहा था। साथ ही पर्यटकों के लिए भी मार्ग सुचारू हुआ।



मूसलाधार बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन व भू धंसाव होने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई जिसके बाद से 10 अगस्त से सड़क पर चारपहिया वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। इस मार्ग पर भू-धंसाव, भूस्खलन से 19 जगह डेंजर बन गए हैं। संवाद










भवाली-अल्मोड़ा एनएच : 15 घंटे तक बड़े वाहनों की आवाजाही ठप

गरमपानी (नैनीताल)।
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बृहस्पतिवार देर शाम क्वारब के पास निर्माणाधीन पुल पर पहाड़ी का मलबा आने से हाईवे बंद हो गया। मार्ग बंद होने पर्वतीय क्षेत्रों के यात्री परेशान रहे। सुबह करीब साढ़े दस बजे छोटे वाहनों और एक बजे बड़े वाहनों के लिए सड़क खुल पाई। शुक्रवार शाम सात बजे से शनिवार सुबह पांच बजे तक मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया गया।

सड़क पर वाहनों की आवाजाही ठप होने से खैरना चौकी पुलिस ने अल्मोड़ा की तरफ जाने वाले वाहनों को खैरना से रानीखेत होते हुए अल्मोड़ा की तरफ भेजा।

भवाली-अल्मोड़ा हाईवे बंद होने से शुक्रवार सुबह अल्मोड़ा के आसपास के क्षेत्रों में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोश्याकुटौली के एसडीएम बीसी पंत ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को मार्ग खोलने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस, एनएच विभाग के कर्मचारियों को पुल के पास व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। पोकलैंड और जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ।
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मार्ग पर सुबह 10.30 बजे से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। दोपहर एक बजे बाद सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू होने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। एनएच के एई जीके पांडे ने बताया कि सड़क पर आए मलबे को साफ करने के साथ वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि देखकर छोड़ा जा रहा है। संवाद
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