काठगाेदाम में लगे जाम में फंसे वाहन।
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हल्द्वानी में साल के पहले दिन बृहस्पतिवार को नरीमन चौराहा से रानीबाग होते हुए भीमताल तिराहा तक वाहनों की कतार लगने से लोग परेशान रहे। भीमताल तिराहे पर नैनीताल और भीमताल से आने वाले वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थितियां और खराब हो गई। काठगोदाम पुलिस वाहनों को धीरे-धीरे छोड़ती रही। इसके बावजूद तीन से चार किलोमीटर के सफर में आधे घंटे से ज्यादा समय लग गया।
बुधवार देर रात से ही नरीमन चौराहा से ऊपर की ओर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा। सुबह के समय पहाड़ की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ी। शहर से भी लोग रानीबाग स्थित शीतला माता मंदिर पहुंचे। हाईवे किनारे मंदिर के प्रवेशद्वारा के पास वाहन खड़े करने से यातायात प्रभावित रहा। सुबह 11 बजे बाद भीमताल और नैनीताल से वर्षांत मनाने के बाद नीचे की ओर आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई। इससे भीमताल तिराहे पर वाहनों को रोककर काठगोदाम की ओर भेजा गया जिससे दिनभर ट्रैफिक रेंगकर चला। श्रद्धालुओं के घरों को लौटने के चलते नैनीताल से आ रहे वाहनों के रानीबाग पहुंचने पर पहिये थम गए। शाम सात बजे बाद ट्रैफिक सामान्य हो पाया।
डायवर्जन प्लान लागू करने के बाद हुई दिक्कत
पुलिस ने पहले ही बाहरी नंबर के दोपहिया वाहनों को पर्वतीय क्षेत्रों को नहीं जाने दिया। साथ ही डायवर्जन प्लान लागू करने से शहर के अंदर जाम कम लगा। हालांकि काठगोदाम बाईपास से नरीमन होकर जो वाहन आए उससे जाम लगा।
टांडा चेकिंग प्वाइंट पर भी वाहनों का दबाव बढ़ा
रामपुर रोड के टांडा पुलिस बैरियर के पास बुधवार रात यूपी, दिल्ली, हरियाणा से आने वाले वाहनों की कतार लग गई। पुलिस वाहनों पर स्टीकर लगाने और उन्हें निर्धारित डायवर्जन प्वाइंट से भेजने में जुटी रही। इस वजह से बैरियर पर पूरी रात वाहनों का दबाव बना रहा। टीपीनगर पुलिस चौकी की टीम यातायात व्यवस्था को बनाने के लिए मुस्तैद रही।
टेंपो को रानीबाग से आगे नहीं भेजा
रानीबाग निवासी शिक्षक दीपक नौगाई ने बताया कि बुजुर्गों और बीमार लोगों को ला रहे टेंपो को रानीबाग से आगे नहीं जाने दिया गया। उन्होंने बताया कि उनका ऑपरेशन हुआ है। दवा लेकर हल्द्वानी से लौट रहे थे लेकिन उन्हें काठगोदाम से आगे नहीं जाने दिया गया। इससे हल्द्वानी बाजार से सामान खरीदकर लौट रहे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।