देवलचौड़ चौराहे से बिड़ला की ओर जाता डंपर।
- फोटो : अमर उजाला
सड़क हादसे में एक किशोर की दर्दनाक मौत के बाद भी शहर की सड़कों पर डंपर बेलगाम होकर दौड़ रहे हैं। मंगलवार को शहर की अलग-अलग सड़कों पर नो एंट्री के समय भी डंपरों की रफ्तार नहीं थमी। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सोमवार की शाम नहर कवरिंग रोड में नो एंट्री के दौरान मिक्चर वाहन (कैप्सूल ट्रक) की चपेट में आने से एक किशोर की मौत हो गई थी। इससे पहले भी सड़कों पर यमराज बनकर दौड़ रहे डंपर कई लोगों को लील चुके हैं। अमर उजाला जनहित में लगातार काल बनकर दौड़ रहे डंपरों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए अभियान चला रहा है। पुलिस अधिकारी भी व्यवस्था सुधारने के दावे कर रहे हैं लेकिन इसके बाद भी डंपरों के आतंक पर नियंत्रण नहीं है।
सोमवार देर शाम हुए हादसे के बाद अमर उजाला व संवाद न्यूज एजेंसी की टीम मंगलवार को शहर की प्रमुख सड़कों पर उतरी तो डंपरों की आवाजाही बेरोकटोक होते मिली। सुबह साढ़े आठ बजे के करीब देवलचौड़ से बिड़ला की ओर जाने वाली सड़क पर एक डंपर दौड़ता नजर आया। सुबह 9:30 बजे गौला गेट से निर्माण सामग्री भरकर राजपुरा रोड पर एक और डंपर आवाजाही करते दिखा। सुबह 11 बजे बिड़ला रोड पर भीड़ के करीब से गुजरते हुए डंपर नजर आया। दोपहर डेढ़ बजे के करीब नहर कवरिंग रोड पर एक ओवरलोडेड छोटा हाथी पहाड़ की ओर जाते दिखा। इसी दौरान एक डंपर भी निर्माण सामग्री लादकर इसी रोड पर जा रहा था। इन सभी सड़कों पर सुबह से लेकर शाम तक लोगों की खूब आवाजाही होती है। इनमें कोचिंग के छात्र छात्राएं भी होते हैं। बावजूद सड़कों पर दौड़ने वाले डंपर न तो पुलिस अधिकारियों को नजर आ रहे हैं और न ही प्रशासन के अधिकारियों को।
नो एंट्री में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यदि इसके बाद भी इनका संचालन हो रहा है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।-मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी