रामनगर। पूछड़ी गांव के 151 अतिक्रमणकारियों को हटाने की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि डीएफओ तराई पश्चिमी कानूनी प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर मनमानी कर रहे हैं। 151 परिवार कौन हैं, जिनके खिलाफ बेदखली के आदेश पारित हुए हैं, इसकी जानकारी किसी के पास भी नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डीएफओ कार्यालय ना तो नकल के लिए उनका प्रार्थनापत्र स्वीकार कर रहा है और ना ही ग्रामीणों की ओर से दिए गए जवाबों को स्वीकार कर रहा है।
समिति ने कहा कि वन अधिनियम 1927 उत्तरांचल संशोधन में प्रतिवादी ग्रामीणों को 10 दिन के भीतर अपील का अधिकार है जिसका डीएफओ तराई पश्चिमी की ओर से कुचला जा रहा है। आंदोलन की आगे की रणनीति के लिए 16 अक्तूबर को ग्राम समिति की ओर से ग्राम पूछड़ी में बैठक बुलाई गई है। धरना-प्रदर्शन में ललित उप्रेती, प्रभात ध्यानी, मो. आसिफ, रोहित रुहेला, भुवन चंद्र, ललिता रावत, रेनू, साहिस्ता, सुमित, तुलसी छिंवाल, रवि, जगमोहन रावत, मोहम्मद सैफी, मनीष कुमार आदि शामिल रहे। संवाद