रामनगर। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला। एसडीएम से शिक्षकों ने बीएलओ के दायित्व से मुक्त रखने की मांग की। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश मनराल ने एसडीएम प्रमोद कुमार को बताया कि प्रदेश में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू है जिसके तहत शिक्षकों को दस वर्षीय जनसंख्या, जनगणना, आपदा राहत कर्तव्य सहित गैर शैक्षणिक प्रयोजनों के लिए अभिनियोजित नहीं किया जाएगा। फिर भी शिक्षकों को निर्वाचक नामावलियों की तैयारी एवं पुन: निरीक्षण कार्य में लगाया जा रहा है। बताया कि इससे शिक्षण कार्य निश्चित रूप से प्रभावित होगा जो छात्र हितों के प्रतिकूल है। कहा छात्र हितों को देखते हुए शिक्षकों को बीएलओ के दायित्व से मुक्त किया जाए। इस मौके पर संजय कुमार, मनीता कटारिया, हरीश वर्मा, मनोज मोहन कश्मीरा, रमेश भंडारी, सुरेंद्र चौहान आदि रहे।