नैनीताल। सामाजिक कार्यकर्ता हल्द्वानी निवासी हितेश पांडेय ने कहा है कि सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण की जांच के लिए उनकी ओर से प्रदेश शासन में किए गए पत्राचार के क्रम में आवश्यक कार्रवाई शुरू हो गई है। नैनीताल के डीएम की ओर से सभी एसडीएम को जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं। वह निजी स्तर पर भी संकलित किए गए अभिलेखों की जानकारी एसडीएम को उपलब्ध करा रहे हैं। हितेश का कहना है कि इसी मामले में वर्ष 2023 में जनहित याचिका दायर होने के बाद मुख्यमंत्री की ओर से करीब 12,000 हेक्टेयर सरकारी भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई जा चुकी है। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि इस मुहिम से प्रेरित होकर उन्होंने नैनीताल जिले समेत ऋषिकेश एवं अन्य स्थानों के अतिक्रमण से संबंधित जानकारी संकलित की। मुख्य सचिव उत्तराखंड राजस्व परिषद और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड सहित अन्य सक्षम अधिकारियों को भी विस्तृत तथ्य एवं अभिलेख भी उपलब्ध कराए गए।