वन अनुसंधान केंद्र लालकुआं से औषधीय पौधे वाहन में भरते श्रमिक।
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लालकुआं। उत्तराखंड के औषधीय पौधे दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करेंगे। दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए उत्तराखंड के लालकुआं स्थित वन अनुसंधान केंद्र से बुधवार को पांच हजार पौधों की दूसरी खेप दिल्ली विश्वविद्यालय को भेजी गई।
वन अनुसंधान केंद्र के वन क्षेत्राधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय को जैव विविधता पार्क स्थापित करने के लिए अनुसंधान केंद्र से अब तक एक लाख से अधिक पौधे भेज दिए हैं। कोरोना कॉल में तीन वर्ष तक यह प्रक्रिया रुकी रही। इस बार सितंबर में साढे़ तीन हजार पौधे और अब पांच हजार पौधे दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में जैव विविधता पार्क स्थापित करने के लिए भेजे गए हैं। इन पौधों में हल्दू, सादन, स्योनक, खैर, सलई, पचनाला, और कंडाई आदि प्रजातियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह पौधे प्रदूषण को कम करने में सहयोगी होते हैं।
वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट ने बताया कि वह पिछले नौ वर्षों से दिल्ली क्षेत्र में पौधरोपण के लिए नियमित रूप से औषधीय पौधे भेज रहे हैं। कोरोनाकाल को छोड़कर पूर्व के वर्षों में लगभग एक लाख से अधिक पौधे दिल्ली के विभिन्न वनीकरण केंद्रों में रोपित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के अलावा हरियाणा, आगरा आदि स्थानों पर भी वन अनुसंधान केंद्र से औषधीय पौधे भेजे गए हैं।