गौला नदी द्वारा हल्द्वानी के रेलवे ट्रैक का कटाव लगातार बड़ता जा रहा है। इसके चलते खतरे की जद म
हल्द्वानी। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर फिर खतरा बढ़ गया है। एक ओर गौला नदी रविवार काे उफान पर आने से रेलवे स्टेशन की ओर भू-कटाव कर रही थी वहीं दूसरी ओर रेलवे के जीएम इसे दूरबीन से देखने तक सीमित रहे। पटरियों को बचाने के लिए लगाया गया तिरपाल तक फट गया है। वहीं इलेक्ट्रिक पोल भी ढहने की स्थिति में है। ऐसा लग रहा है मानो रेलवे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
हल्द्वानी और काठगोदाम रेलवे स्टेशन गौला नदी के पास है। बारिश के चलते गौला में जलस्तर बढ़ने के साथ ही रेलवे अधिकारियों के सामने कई बार ट्रैक बचाने को लेकर चुनौती सामने आती रही है। साल 2021 अक्तूबर में बारिश के कारण काठगोदाम और हल्द्वानी रेलवे ट्रैक को काफी नुकसान हुआ। खतरे को देखते हुए हल्द्वानी स्टेशन के ट्रैक संख्या तीन पर ट्रेन संचालन बंद कर दिया गया। बारिश के चलते फिर से ट्रैक पर खतरा मंडराने लगा है। रेलवे स्टेशन पर ट्रैक बचाने के लिए कराए जा रहे कार्यों का डीआरएम रेखा यादव, कमिश्नर दीपक रावत, एसडीएम निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन हालात अब पहले जैसे ही बने हुए हैं।
खतरा बढ़ा, तब सक्रिय हुआ था रेलवे
हल्द्वानी। साल 2021 के बाद हल्द्वानी रेलवे ट्रैक संख्या तीन की मरम्मत और सुरक्षित करने को लेकर कार्य लंबे समय तक थमे रहे। इस साल जुलाई में गौला नदी में जलस्तर बढ़ने और नदी का बहाव ट्रैक की ओर होने पर रेलवे अधिकारियों ने गौला में पोकलैंड उतारकर सुरक्षा कार्य शुरू कराए। गौलापार स्टेडियम के पीछे नदी में चैनेलाइजेशन भी किया।
जलस्तर बढ़ते ही कम पड़े इंतजाम
हल्द्वानी। गौला नदी में ट्रैक सुरक्षा के लिए रेलवे ने कई इंतजाम कराए। पहले चरण में नदी के बहाव को मोड़ने की कोशिश की गई। इसके बाद गौलापार स्टेडियम के पीछे नदी का चैनेलाइजेशन किया गया। बहाव कम होने पर नदी में वायरक्रेट वॉल बनाई गई। इसके बाद बारिश से भू-कटाव रोकने के लिए तिरपाल से ट्रैक संख्या तीन को ढका गया। लेकिन यह सब इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
जीएम रमण ने किया निरीक्षण
हल्द्वानी। पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम चंद्र वीर रमण ने रविवार को हल्द्वानी और काठगोदाम रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। जीएम ने हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर भू-कटाव वाले स्थान का गौला पुल से दूरबीन के जरिये देखा। काठगोदाम में जीएम ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति को देखा और जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद शाम 06:30 बजे स्पेशल निरीक्षण यान से वापस चले गए।