रामनगर। लगभग पक चुकी लीची की फसल को बीते दिन अचानक चली आंधी से काफी नुकसान हुआ है। रामनगर में 900 हेक्टेयर भूमि पर लीची और 800 हेक्टेयर में आम की पैदावार होती है। मौसम अनुकूल होने के चलते यहां लीची का आकार बढ़ा और स्वाद मीठा होता है। इसलिए रामनगर की लीची की उत्तराखंड के साथ ही अन्य राज्यों में भी काफी डिमांड है। जून में लीची की तुड़ाई का कार्य किया जाता है लेकिन शनिवार को अंधड़ और तेज बारिश से लीची की पैदावार को काफी नुकसान हुआ है। काश्तकारों की मानें तो लगभग 20 फीसदी लीची की फसल गिरने और फटने से खराब हो गई है।
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प्रतिक्रिया-
लीची की फसल लगभग पककर तैयार हो गई थी। अगले कुछ दिनों में इसकी तुड़ाई शुरू होनी थी। अंधड़ के चलते 20 फीसदी से अधिक का नुकसान हुआ है।
- श्वेतांशु त्रिवेदी, काश्तकार
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लीची के लिए कई राज्यों से मांग आनी शुरू हो गई थी। जल्द ही तुड़ाई शुरू होनी थी, लेकिन खराब मौसम के चलते काफी फल खराब हो गए हैं।
- दीप बेलवाल, काश्तकार
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बीते दिन चले अंधड़ से लीची और आम की फसल को नुकसान होने की सूचना मिली है। विभागीय टीम की ओर से नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
- एएस परवल, उद्यान अधिकारी, रामनगर