हल्द्वानी। वर्तमान समय खरीफ की फसल का है और मानसून ने अभी दस्तक नहीं दी है। कृषि विभाग ने तैयारियां शुरू करते हुए विक्रय केंद्रों में खरीफ की फसल के बीज भेज दिए हैं, लेकिन मानसून में देरी हुई तो न केवल फसलों का उत्पादन प्रभावित होगा, बल्कि गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही कृषि विभाग ने फॉल आर्मी वर्म कीट को लेकर भी एडवाइजरी जारी कर दी है।
मानसून काल की शुरुआत 15 जून से हो जाती है। पहाड़ में खरीफ की प्रमुख फसलों में धान, मडुवा, सोयाबीन, रामदाना, मूंग, उड़द और तिल आदि शामिल हैं। इस समय जहां धान की नर्सरी तैयार हो रही है, वहीं मडुवे की बुआई चल रही है। फसल विशेषज्ञ धनराम आर्या के अनुसार, अभी खरीफ की फसल का समय है। जुलाई में बारिश नहीं हुई तो पौध की बढ़ोतरी प्रभावित होगी और उत्पादन पर असर दिखाई देगा।
वहीं पंतनगर कृषि विवि के डॉ. आरके सिंह के अनुसार, 29 जून से मानसून आ सकता है। मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव ने बताया कि समय पर बारिश नहीं हुई तो फसलें भी देर से होंगी। उत्पादन के साथ गुणवत्ता पर भी प्रभाव पड़ेगा।
.........
विक्रय केंद्रों पर बीज उपलब्ध
कृषि विभाग ने किसानों को बांटने के लिए अलग-अलग वैरायटी के 110 क्विंटल धान, 75 क्विंटल मडुवा, 255 क्विंटल सोयाबीन के साथ ही रामदाना, उड़द, तिल आदि के बीज विक्रय केंद्रों पर भेज दिए हैं।
.........
फॉल आर्मी वर्म को लेकर एडवाइजरी जारी
हल्द्वानी। जिले में 3574 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 9608 मीट्रिक टन मक्का का उत्पादन होता है। इसकी बुआई हो चुकी है लेकिन खेतों में अमेरिकन फॉल आर्मी वर्म का प्रकोप प्रारंभिक चरण में ही दिखाई देने लगा है। यह कीट पत्तियां चट कर जाता है। अन्य फसलों में भी इसके फैलने की आशंका के मद्देनजर कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए टीम बनाकर किसानों को कीट नियंत्रण के उपाय बताने शुरू कर दिए हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव ने बताया कि सहकारिता विभाग और निजी विक्रेताओं के यहां से किसान दवा ले सकता है। दवा लेने पर प्रति किसान को दो हेक्टेयर तक क्षेत्रफल के लिए एक हजार रुपये तक का अनुदान कृषि विभाग की ओर से दिया जाएगा।