नैनीताल हाइवे पर बाइक सवार युवक ने दिनदहाड़े मैजिक चालक की गोली मारकर हत्या कर दी। उधर गोली लगने के बाद भी मैजिक चालक गाड़ी को लेकर करीब दो सौ मीटर तक चलाता रहा। चालक के दम तोड़ने के बाद मैजिक वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें बैठी चार सवारियां घायल हो गईं।
मृतक की पत्नी ने अपने देवर पर पति की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक के साले जसविंदर सिंह की तहरीर के आधार पर आरोपी देवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हल्द्वानी के हिमालया फार्म निवासी 40 वर्षीय हरविंदर सिंह रुद्रपुर से हल्द्वानी तक टाटा मैजिक वाहन चलाता है। शनिवार को हरविंदर अपने वाहन में करीब 12 सवारियों को बैठाकर रुद्रपुर से हल्द्वानी की ओर जा रहा था।
इसी दौरान संजय वन स्थित रेलवे क्रासिंग के आगे हेलमेट पहने एक बाइक सवार युवक ने हाथ देकर उसके वाहन को रुकवाया और पास आकर तमंचे से उसके सीने में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर वाहन में पीछे बैठे कुछ यात्री कूद गए।
उधर, घायल हालत में हरविंदर ने मैजिक वाहन को आगे भगाया, लेकिन करीब 200 मीटर आगे चलकर दम तोड़ दिया। इससे मैजिक वाहन भी अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे उसमें बैठे चार यात्री चोटिल हो गए। पुलिस हरविंदर और अन्य घायल यात्रियों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची, जहां डाक्टरों ने हरविंदर के मृत होने की पुष्टि की।
एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले, एएसपी पंकज भट्ट और सीओ राजेश भट्ट ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की। सूचना पर अपनी मां परविंदर कौर और ससुर भूपेंद्र सिंह के साथ जिला अस्पताल पहुंची मृतक की पत्नी सुरजीत कौर ने पुलिस के सामने ही अपने देवर हरप्रीत पर उसके पति की हत्या का आरोप लगाया।
सुरजीत के अनुसार प्रापर्टी को लेकर हरप्रीत अक्सर हरविंदर के साथ मारपीट करता था। कई बार उसने हरविंदर और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। सुरजीत ने हल्द्वानी की मेडिकल चौकी पुलिस से कई बार हरप्रीत की शिकायत भी की, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
मृतक के पिता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उनके घर में संपत्ति के बंटवारे को लेकर बात चल रही थी। इसको लेकर हरप्रीत अक्सर घर में विवाद करता था। पखवाड़े भर पहले मारपीट के मामले में हरप्रीत के खिलाफ मेडिकल चौकी पुलिस ने भी कार्रवाई की थी। हत्यारोपी की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।
गोली लगने के बाद अस्पताल पहुंचना चाहता था हरविंदर
बाइक सवार द्वारा सीने में गोली मारने के बाद भी हरविंदर जीने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचना चाहता था। इसलिए उसने वाहन को चलाने की कोशिश की, लेकिन वह ज्यादा देर तक अपनी सांसें रोक नहीं पाया।
मैजिक वाहन पलटने से उसमें बैठे अल्मोड़ा निवासी दीपा पत्नी बिशन सिंह, पूरन सिंह, प्रेमा देवी और दरबान सिंह चोटिल हो गये। हालत गंभीर होने पर दरबान को निजी अस्पताल में रेफर किया गया।
यात्रियों ने बिताया दहशत में दिन
मैजिक चालक को बाइक सवार द्वारा गोली मारने के मामले में जहां यात्री घटना के दौरान डरे रहे वहीं अस्पताल आने के बाद भी उनमें दहशत कम नहीं हुई। मैजिक में सवार घायल दीपा देवी तो काफी देर तक डर के मारे रोती रही। वाहन में सवार एक परिवार ने अपनी हल्द्वानी जाने की योजना ही बदल डाली।
पहचान छिपाने को पहना हेलमेट
संजय वन के पास गोली मारकर मैजिक चालक की हत्या करने के मामले में अंदाजा लगाया जा रहा है कि बाइक सवार ने काफी पहले से हत्या का तानाबाना बुना था। घटना को अंजाम देने के लिए जहां उसे हरविंदर के आने जाने का समय मालूम था वहीं उसने गोली मारने से पहले हरविंदर से बातचीत भी की। इस दौरान उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए हेलमेट भी पहना था। यात्रियों के अनुसार घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारा रुद्रपुर की ओर भागा।
शुक्रवार को हरविंदर ने मनाया था बेेटे का जन्मदिन
बाइक सवार की गोली से मरने वाले हरविंदर ने शुक्रवार को बड़े उल्लास के साथ अपने तीन वर्ष के बेटे का जन्मदिन मनाया था। शनिवार को उसी बेटे को अपने पिता की लाश देखने को मिली। परिवार के सभी लोग और रिश्तेदार इस घटना से स्तब्ध हैं।
हल्द्वानी और किच्छा में डाला पुलिस ने डेरा
संजय वन के पास हत्या की घटना को अंजाम देने वाले बाइक सवार की धरपकड़ के लिए पुलिस की दो टीमें हल्द्वानी और किच्छा में दबिश दे रही हैं। मृतक की पत्नी के अनुसार उसके देवर ने पति की हत्या की जिसके आधार पर पुलिस देवर की किच्छा स्थित ससुराल में दबिश दे रही है इसके साथ ही हल्द्वानी में भी एक टीम ने डेरा डाला है।
आखिर घटना के बाद अस्पताल की बजाय कहां गया हरप्रीत
बाइक सवार द्वारा मैजिक चालक हरविंदर को गोली मारने के मामले में जहां पूरा परिवार अस्पताल पहुंचा वहीं हरप्रीत अपने बच्चों को लेकर कहीं और चला गया। मृतक की पत्नी सुरजीत कौर ने बताया हरप्रीत सुबह घर से निकला था।
उसके बाद जब उन्हें घटना की सूचना मिली तो हरप्रीत अपने बच्चों को लेकर कहीं चला गया जबकि भाई की मौत की खबर सुनकर हरप्रीत को अस्पताल आना चाहिए था। हरप्रीत का गायब होना भी उसे संदेह के घेरे में खड़ा कर रहा है।