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शव को लेकर दिन भर खौफजदा रहा प्रशासन

Wed, 22 Apr 2015 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
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जसवीर सिंह जस्सा का शव किच्छा से यहां आने के बाद पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। दिनभर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका सेे खौफजदा थे। पुलिसकर्मियों ने पोस्टमार्टम हाउस को घेर रखा था। शाम के समय पीसीएस अधिकारी हरबीर सिंह आए तो लोगों का आक्रोश ठंडा पड़ा। आक्रोशित परिजन शव लेकर थाने पर रखने जा रहे थे, लेकिन हरबीर सिंह के समझाने पर घर लेकर जाने को तैयार हो गए।
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किच्छा से सोमवार रात में ही जसवीर सिंह जस्सा का शव सुशीला तिवारी अस्पताल लाया गया। किसी अनहोनी की आशंका से पूरे शहर के चौकी प्रभारी अस्पताल में जमे रहे। पोस्टमार्टम हाउस में शव लाने के बाद भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी किसी अनहोनी की आशंका से खौफजदा थे। उधर, किच्छा से खुफिया सूचना आ रही थी कि शव आने के बाद राजनीतिक दलों से जुड़े लोग बवाल करेंगे।

परिजनों के आने पर तहसीलदार मोहन सिंह बिष्ट ने शव का पंचनामा कराया। डा.चरक सांगवान के नेतृत्व में पांच डाक्टरों डा. टीडी रखोलिया, डा. एलएम रखोलिया, एनके त्रिपाठी, डा. डीपी सिंह के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस बीच एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल, सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी पूरी फोर्स के साथ मौजूद थे। आक्रोशित परिजन शव को थाने पर लेकर जाने की तैयारी कर चुके थे। शाम करीब चार बजे बागेश्वर से पीसीएस अधिकारी हरबीर सिंह आए। उन्होंने परिजनों को समझाया। हरबीर सिंह के कहने पर जसविंदर के ताऊ मेहर सिंह ने फोन कर आक्रोशित लोगों को थाने से लौटने को कहा और सख्त हिदायत दी कि मेरे बेटे के शव पर राजनीति ठीक नहीं होगी। इसके बाद शव लेकर लोग लौट आए। इसकी जानकारी मिलने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।  
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बिसरा सुरक्षित, चोट के निशान नहीं!
पोस्टमार्टम के दौरान डाक्टरों की टीम ने जसविंदर सिंह जस्सा के शव का बिसरा सुरक्षित रख लिया। चर्चा थी कि जसविंदर के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। बिसरा को कोतवाली पुलिस ने सुरक्षित रख लिया है।

मानवाधिकार आयोग को 24 घंटे में भेजनी है रिपोर्ट
पुलिस कस्टडी में मौत के बाद जिला पुलिस को 24 घंटे के अंदर मानवाधिकार आयोग को रिपोर्ट देनी होगी। इसी प्रकार मजिस्ट्रेटी जांच भी समय से करनी होगी। बिसरा रिपोर्ट के लिए शासन ने कोई समय निर्धारित नहीं किया है। एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान ने इस नियम की जानकारी अधीनस्थों को दी है।
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