स्वयं को बंदोबस्त नायाब तहसीलदार बताकर ग्रामीणों को सरकारी भूमि बेचकर ठगने का प्रयास कर रहे एक युवक को ग्रामीणों ने दबोचकर एसडीएम के हवाले कर दिया। पूछताछ के बाद एसडीएम ने फर्जी नायब तहसीलदार को पुलिस को सौंप दिया।
काशीपुर निवासी ग्राम बसई विपिन कुमार ने रामनगर, काशीपुर, पीरूमदारा, मालधन के ग्रामीणों को नेशनल हाइवे पर खाली पड़ी 42 बीघा सरकारी भूमि को दो लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से बेचने का लालच देकर अपने जाल में फंसा लिया। विपिन ने कहा कि वह बंदोबस्त नायब तहसीलदार की ट्रेनिंग कर रहा है।
ग्रामीणों को झांसा दिया कि उसका रामनगर एसडीएम व तहसीलदार के साथ उठना बैठना है। वह इस जमीन को ग्रामीणों के नाम करा सकता है। ग्रामीणों को विश्वास में लेने के लिए विपिन ने कहा कि दो लाख रुपये प्रति बीघा में से एक लाख पांच हजार रुपये प्रति बीघा सरकारी खजाने मेें जमा करना पड़ेगा।
सस्ती भूमि के चक्कर में उसके झांसे में 47 लोग आ गए। उनसे विपिन ने 20-20 हजार रुपये एडवांस में मांगे। 35 लोगों ने विपिन को यह रकम दे भी दी। इन्हीं लोगों को शनिवार को विपिन ने शेष रकम लेने के लिए हल्दुवा के पास कामदेवपुर में बुलाया।
इससे पहले कि ग्रामीण विपिन को शेष रकम देते, उन्हें उसकी हरकतों पर शक हुआ। उन्होंने एसडीएम परितोष वर्मा को इसकी जानकारी दी। सरकारी भूमि की बंदरबांट पर एसडीएम के कान खड़े हो गए। एसडीएम वर्मा ग्रामीणों को विपिन को कुछ देर मौके पर ही रोके रखने की सलाह दी और मौके की ओर रवाना हो गए।
एसडीएम जैसे ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने विपिन को पकड़कर एसडीएम के हवाले कर दिया। आरोपी को एसडीएम अपने कार्यालय लाए और पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसएसआई बृजेेश बृजवाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 420 का मुकदमा दर्ज कर लिया।