गंगानगर कालोनी में सोमवार रात एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। काठगोदाम पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला।
बताया जाता है कि युवक ने यह कदम आर्थिक तंगी से परेशान होकर उठाया। गंगानगर कालोनी निवासी चंपा देवी नैनीताल रोड स्थित एक अस्पताल में नर्स हैं।
चंपा की सोमवार को नाइट ड्यूटी थी और घर में उनका बेटा अशोक सिंह (34) अकेला था। मंगलवार सुबह वह ड्यूटी कर घर लौटी तो मेनगेट बंद था। उसने पड़ोस में रहने वाले युवक से मकान की दीवार को फांदकर अंदर जाकर देखने को कहा। पड़ोसी ने बाउंड्री के भीतर जाकर दरवाजे से कमरे में झांका तो उसके बेटे अशोक ने पंखे से फांसी लगा रखी थी।
घटना की सूचना मिलने के बाद काठगोदाम चौकी प्रभारी विनोद जोशी ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। पुलिस की तलाशी के दौरान कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पूछताछ करने पर पता चला कि युवक की शादी नहीं हुई थी।
अशोक चार माह से बेरोजगार था। इसी कारण वह तनावग्रस्त था। उसका भाई भी कालटैक्स स्थित मकान में अलग रहता है। पुलिस ने पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।