हल्द्वानी। लाडली हत्याकांड में तमाम दलीलें सुनने के बाद दो अभियुक्तों को बलात्कार और हत्या का दोषी पाया है। विशेष न्यायाधीश पास्को प्रीतू शर्मा की अदालत ने एक अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इस मामले में 11 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह नेगी के अनुसार 20 नवंबर 2014 को शीशमहल रामलीला मैदान में एक शादी थी। समारोह में पिथौरागढ़ से भी एक परिवार अपनी छह साल की बेटी (लाडली) के साथ आया था। परिसर में कुछ खाने के बाद लाडली पानी पीने के लिए गई। इसी समय अभियुक्तों ने उसका अपहरण कर लिया। 25 नवंबर 2014 को लाडली का शव गौलापार झाड़ियों में मिला। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद कुमाऊं में जगह-जगह आंदोलन शुरू हो गए।
प्रदेश सरकार ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ को लगाया। एसटीएफ ने दो दिन बाद लुधियाना (पंजाब) के सेठी मार्केट से मुख्य आरोपी अख्तर अली को गिरफ्तार किया। आरोपी अख्तर बिहार के महानागनी बेतिया पूर्वी चंपारण का रहने वाला है। अख्तर ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन उसके साथ दो अन्य लोग भी थे। इसी आधार पर पुलिस ने पीलीभीत जिले के हैदरगंज जहानाबाद निवासी प्रेम पाल और कनकोटा रुद्रपुर निवासी जूनियर मसीह को गिरफ्तार किया।
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक के साथ शासन ने अधिवक्ता नवीन जोशी को भी मदद के लिए लगाया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने 40 गवाहों को पेश किया। बताया कि गिरफ्तार अख्तरको प्रेमपाल ने शीशमहल निवासी प्रेम पलड़िया का डंपर चलाने के लिए लगाया था। प्रेमपाल खुद मन्नू गौड़ का डंपर चलाता था। इस मामले में वरिष्ठ डा. सीपी भैसोड़ा की टीम ने लाडली का पोस्टमार्टम किया था। उसके शरीर पर छह गंभीर चोटें थीं। डाक्टर ने माना कि बलात्कार के चलते ही उसकी मौत हुई।
बच्ची के प्राइवेट पार्ट में काफी घाव थे। जांच के लिए सैंपल देहरादून लैब भेजे गए, जहां यह अख्तर के कपड़ों से लिए गए सैंपल से मैच कर गए। डाक्टरों की टीम ने अपनी रिपोर्ट में अभियुक्त को दोषी ठहराया था। प्रेमपाल भी घटना में अख्तर का सहयोगी रहा। उसने भागने में सहयोग किया।
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अख्तर अली को धारा 363, 366, 376(ग),7,8,3,4,5,6 पास्को एक्ट के तहत दोषी पाया। इसी प्रकार अन्य आरोपी प्रेमपाल को धारा 212, 66(ग) आईटी एक्ट का अदालत ने दोषी माना। तीसरे आरोपी जूनियर मसीह को अदालत ने बरी कर दिया।