गोरापड़ाव हाथीखाल के स्टोन क्रशर मालिक की हत्या की सूचना मिलने पर उसके दो चाचा शव लेने के लिए रुड़की चले गए। पत्नी को भी हत्या की सूचना नहीं दी गई है। परिजनों का कहना है कि स्टोन क्रशर मालिक 20 दिन पहले ही घर से गए थे। मिलनसार प्रवृति के कारोबारी की किसी से रंजिश नहीं थी।
गोरापड़ाव हाथीखाल निवासी चंद्रशेखर भट्ट (38) पुत्र गंगादत्त भट्ट का सहारनपुर के सुंदर पुर गांव में एक स्टोन क्रशर पार्टनरशिप में था। 20 दिन पहले वह घर से स्टोन का कारोबार देखने के लिए गए थे। इस बीच उन्होंने पत्नी से बात भी की थी। रविवार की सुबह चंद्रशेखर के पार्टनर ने फोन पर ग्राम प्रधान को मौत की सूचना दी।
इसके बाद कारोबारी के चाचा कैलाश चंद्र भट्ट और गणेश चंद्र भट्ट शव लेने के लिए रुड़की चले गए। कारोबारी की पत्नी मीनाक्षी को परिजनों ने बताया कि चंद्रशेखर की तबियत खराब है। उनको लेने के लिए चाचा गए हैं। हाथी खाल के ग्रामप्रधान ने बताया कि कारोबारी की एक पुत्री हिमांशी भट्ट सिंथिया कालेज में नवीं की छात्रा है।
उसका पुत्र कार्तिक (12) छठी का छात्र है। चंद्रशेखर भट्ट का गोरापड़ाव में भी डंपर से गौला में खनन का कारोबार है। कारोबारी के मौत की खबर से पूरा गांव मायूस है। किसान पिता का रोते रोते बुरा हाल हो गया है।
परिजनों का कहना है कि सोमवार की सुबह तक चंद्रशेखर का शव गांव में लाया जाएगा। चंद्रशेखर भट्ट के बडे़ भाई सरकारी जॉब में है। परिजनों का कहना है कि उनकी हत्या की गई है।