एक सप्ताह पूर्व हाथीडंगर नहर से बरामद तेंदुए के शव के मामले में वन विभाग ने तीन लोगों को पकड़ा है, जबकि दो लोग फरार है। पकडे़ गए लोगों ने फसलों को जंगली सुअरों से बचाने के लिए एक खेत स्वामी के कहने पर ही तार लगाकर करंट छोड़ा था, जिसकी चपेट में आने से तेंदुआ मर गया। पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर तार भी खेत से बरामद कर लिया गया है।
बीती 25 जनवरी की सुबह तराई पश्चिमी वन प्रभाग के वनकर्मियों ने हाथीडंगर नहर से एक तेंदुए का शव बरामद किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विभागीय कर्मचारियों ने जांच शुरू की तो ग्राम मोतीपुर के केवल सिंह पुत्र मोती सिंह के खेत में कुछ असामान्य लक्षण पाए गए।
काफी पड़ताल के बाद पता चला कि खेत स्वामी ने ही वन्यजीवों खासकर जंगली सुअरों से फसलों को बचाने के लिए तारबाड़ कर करंट प्रवाहित कराया था। लेकिन इसकी चपेट में तेंदुआ आकर मर गया। डीएफओ राहुल ने बताया कि तेंदुए की मौत होने के बाद आरोपियों ने शव ठिकाने लगाने के लिए उसे नहर में फेंक दिया था।
जांच के बाद आरोपियों ओमप्रकाश पुत्र राम सिंह निवासी भगतपुर मड़ियाल, अमृतपाल पुत्र जसविंदर सिंह निवासी गुमानपुर और लखविंदर सिंह पुत्र कमलजीत सिंह निवासी धर्मपुर औलिया को गिरफ्तार कर लिया जबकि ओमप्रकाश का भाई विजयपाल और मुख्य आरोपी खेत स्वामी केवल सिंह फरार हो गए।
पकड़े गए आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। फरार आरोपियों की तलाश में छापामार कार्रवाई जारी है। अभियान में रेंज अधिकारी जगमोहन सिंह रावत, पीतांबर दत्त तिवारी, प्रेम सिंह, राजेंद्र सिंह रावत, मोहन पांडे, चंद्रप्रकाश, हरि राम, जगदीश चौबे, सुंदर सिंह, शंकर दत्त पनेरू आदि थे।