खुर्पाताल निवासी व्यक्ति ने बुधवार को फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक बीमारी और तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पाइंस स्थित घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जितेंद्र सिंह राठौर (42) पुत्र स्व. गुलाब सिंह को बुधवार दोपहर करीब 12 बजे परिजनों ने मफलर से लगाई गए फांसी के फंदे में झूलता हुआ पाया। चीख पुकार के बाद पड़ोसी एकत्र हुए और आननफानन में जितेंद्र को फंदे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों के मुताबिक चार भाई और तीन बहनों के परिवार में जितेंद्र सबसे छोटा था।
वह बीते कुछ समय से अल्सर, शुगर, पीलिया समेत विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हो गया था। हाथ-पैर और पेट में दर्द के कारण वह सो भी नहीं पाता था। बुधवार को करीब 11:30 बजे उसने खाना खाया और कमरे में चला गया। करीब 12 बजे परिजनों ने उसे कमरे में फंदे से झूलता पाया।
जल योगा में थी महारथ
खुर्पाताल निवासी जितेंद्र सिंह को पानी से खासा प्रेम था। खुर्पाताल झील में ही उसने निजी प्रयासों से तैरने के साथ-साथ योगा भी सीखा। नगर में होने वाले नंदा देवी, दुर्गा महोत्सव समेत विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान उसने कई बार नैनी झील में हाथ में जलते दीये लेकर योगा किया। यहीं नहीं स्वतंत्रता दिवस पर झील में तिरंगा लेकर योगा किया। उसकी इस उपलब्धि के चलते क्षेत्र में उसे खासी प्रसिद्धि भी प्राप्त है। परिजनों के मुताबिक कुछ समय पूर्व वह बाबा रामदेव से भी मिला था। उसका योगा देखकर उसे साक्षात्कार के लिए मुंबई बुलाया गया था। उसने घर के मुख्य द्वार पर जल संरक्षण का संदेश भी लिखा हुआ है।