गोरापड़ाव हैड़ागज्जर स्थित ननिहाल में सोमवार रात एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह दरवाजा तोड़कर पुलिस ने शव बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रोगी था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोरापड़ाव हैड़ागज्जर निवासी रोशनलाल का भांजा रोहित (20) ननिहाल में उनके साथ रहता था। कक्षा 11 तक पढ़ाई करने के बाद उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई। सोमवार रात रोहित ने कमरा बंद कर पंखे से लटककर फांसी लगा ली। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर रोहित की बहन ने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मां रेखा ने अंदर छिद्र से झांककर देखा तो बेटे की गर्दन पंखे से लटकी थी। इस पर मां बेहोश हो गई। परिवार के लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
चौकी प्रभारी संजय पाठक ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और शव बाहर निकाला। पूछताछ से पता चला कि रोहित के पिता जेएस डोलिंग शिलांग स्थित एयरपोर्ट पर तैनात हैं और परिवार गोरापड़ाव हैड़ागज्जर में रहता है। मामा रोशनलाल भी पंतनगर एयरपोर्ट में काम करते हैं। परिजनों का कहना था कि रोहित मानसिक रोगी होने के बाद डेढ़ साल से गांव में घूमता-फिरता था। ननिहाल के लोग उसका इलाज करा रहे थे। युवक की सिर्फ एक छोटी बहन है। पुलिस ने पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।