बनभूलपुरा थानाध्यक्ष के खिलाफ एक माह से एक नेता अंदर खार खाए हुए था। तीन युवकों के पकड़े जाने के बाद उसे एसओ के खिलाफ उत्पीड़न के आरोप का मौका मिल गया। तीन युवकों के पकड़े जाने की सूचना के बाद इसी नेता के नेतृत्व में हाईवे से लेकर हास्पिटल तक हाई वोल्टेज बवाल चला।
मरीज भी हंगामे से परेशान हो गए। हाईवे में जाम के चलते रोडवेज की बस सेवा भी कुछ देर के लिए बाधित हुई। भीड़ के आगे पुलिस मूकदर्शक बनी रही। अंत में सारा श्रेय सपा के प्रदेश महासचिव शोएब सिद्दीकी ने लूट लिया।
पुलिस का कहना है कि एक माह पहले ट्रिपल राइडिंग में युवकों के पकड़े जाने पर कांग्रेसी नेता ने उनको छोड़ने के लिए दबाव बनाया। चालान करने के बाद नेता और एसओ के बीच खटास हो गई।
इसी खटास से अंदर ही अंदर थानाध्यक्ष के खिलाफ आवाज उठने लगी। कुछ लोगों का कहना था कि थानाध्यक्ष कांग्रेस में गए अब्दुल मतीन सिद्दीकी के समर्थक हैं। रात में तीन युवकों के पकडे़ जाने पर उन लोगों ने ही पुलिस द्वारा पिटाई की आवाज उठाई।
इस पर बनभूलपुरा से युवकों की भीड़ सड़क पर उतर आई। पुलिस फोर्स के सामने युवक जमकर नारेबाजी करने लगे। सीओ ने लोगों को मनाने की कोशिश की लेकिन कोई मानने के लिए तैयार नहीं था। ये लोग बेस अस्पताल में हंगामा करने लगे।
शोरशराबे के चलते अन्य मरीज भी परेशान हो गए। डाक्टरों ने इसी कारण तीनों युवकों को एसटीएच के लिए स्थानांतरित कर दिया। थाने में सपा नेता शोएब सिद्दीकी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के मजहर नईम नवाब, रईसुल हसन के बीच अपनी बात रखने की होड़ मच गई।
अंत में अपनी बात मनवाने पर भीड़ सपा नेता शोएब सिद्दीकी के पीछे जिंदाबाद का नारा लगाते हुए निकल गई।