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लाखों रुपये के दूध घोटाले का संदेह

Fri, 02 Sep 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो लालकुआं
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नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में अन्य राज्यों की प्राइवेट डेयरी से आने वाले दूध के टैंकरों में दूध की मात्रा में घालमेल का मामला प्रकाश आया है। कई महीनों से चल रहे दूध घोटाले में लाखों रुपये की हेराफेरी का संदेह है।
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सूत्रों की मानें तो घोटाले में दुग्ध संघ के कई अधिकारियों व कर्मचारियों के शामिल होने की आशंका है। इधर. बृहस्पतिवार को संघ प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच शुरू कर दी है।

कुछ कर्मचारियों ने घरेलू जांच के बजाय उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।  

राज्य के सर्वाधिक दुग्ध उत्पादक दुग्धशाला नैनीताल सहकारी दुग्ध संघ में पांच साल पूर्व एक करोड़ रुपये के गबन का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। जिसे लेकर दुग्ध संघ प्रबंधन की किरकिरी हुई थी।
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अब पचास लाख रुपये से अधिक दूध खरीद में घोटाले मामला आने से संघ प्रबंधन की नींद हराम हो गई है। दुग्ध संघ सूत्रों के मुताबिक दुग्धशाला में दुग्ध पदार्थों की बाजार डिमांड पूरा करने के लिए दूध की कमी बनी रहती है।

इसे पूरा करने के लिए संघ प्रबंधन द्वारा पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर स्थित नीलकंठ प्राइवेट डेयरी से अनुबंध किया गया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ महीनों से प्राइवेट डेयरी से आने वाले हजारों लीटर दुध को कुछ अधिकारियों की मिली भगत से पचाने का कार्य किया जा रहा है।

दुग्धशाला में काम करने वाले कर्मचारियों ने इस घालमेल को लेकर शिकायत की तो घोटाले में शामिल कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों के चेहरे से मुरझा गए। मामले में प्रमाण मिलने पर संघ प्रबंधन ने तत्काल आपात बैठक कर पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।

जिसमें सहायक प्रबंधक स्टोर सदानंद बमेठा, सहायक प्रबंधक उमेश पढालनी, कार्यालय अधीक्षक नवीन गरवाल शामिल किया गया। गुरुवार को जांच कमेटी द्वारा साैंपी गयी रिपोर्ट को अधूरी मानते हुए दुग्ध संघ अध्यक्ष संजय किरौला व प्रबंधक पीसी शर्मा ने दूसरी जांच कमेटी का गठन किया है।

जिसमें संचालक भरत नेगी, दयाकिशन बमेठा, सहायक प्रबंधक उमेश पढालनी, सहायक क्षेत्र पर्यवेक्षक संजय भाकुनी, सहायक डाटा इंट्री अधिकारी पान सिंह खत्री को शामिल कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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