हेड कैटरर सुरेश की हत्या के विरोध में रविवार को काफी संख्या में महिलाओं ने कोतवाली का घेराव किया। महिलाएं हत्यारे को फांसी देने और आरोपी को सामने लाने की मांग कर रहीं थीं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी कैटरर संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। दूल्हे के पिता और कैटरिंग से जुड़े छह कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
छड़ैल नायक निवासी हेड कैटरर सुरेश राम की शनिवार देर रात सरस्वती विहार कालोनी में हत्या कर दी गई। रविवार सुबह कैटरर की पत्नी हेमा और मां बसंती देवी को घटना की सूचना मिली। दोपहर में मां और पत्नी के साथ काफी संख्या में महिलाएं नारे लगाते हुए कोतवाली पहुंच गई। वे हत्यारोपी को कोतवाली से बाहर निकालकर सामने लाने की मांग करने लगी।
वे कह रही थी कि कोतवाली में ही सबसे सामने न्याय किया जाएगा। हेमा की गोद में उसका डेढ़ साल का बेटा हिमांशु भी था। कोतवाल आरएस मेहता ने नारेबाजी कर रही महिलाओं को समझाया कि मुल्जिम कैटरिंग संचालक दीपक भट्ट को सजा दिलाई जाएगी। घटना में प्रयुक्त शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कराया जाएगा। लगभग एक घंटे तक महिलाओं के नारे से कोतवाली गूंज उठी। इसके बाद महिलाएं कोतवाली में ही धरने पर बैठ गई।
सुरेश की पत्नी ने कोतवाल को बताया कि उसके पति शादी की पार्टी में नहीं जाना चाहते थे, लेकिन पड़ोसी ललित और गुड्डू बुलाकर ले गए थे। उन्हें भी गिरफ्तार करना चाहिए। कोतवाल ने कार्रवाई का आश्वासन देकर महिलाओं को किसी प्रकार शांत किया।
पुलिस ने रिटायर्ड सूबेदार एनसी जोशी के साथ ही कैटरिंग के छह कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। मुखानी थानाध्यक्ष संजय पांडेय ने बताया कि सुरेश के भाई पनीराम की तहरीर पर धारा 304 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में दूल्हे के पिता सहित कई लोग घेरे में आएंगे।