नशे में धुत छात्रों द्वारा शिक्षकों को पीटने के मामले में जीआईसी में हुई बैठक में इस घटना की निंदा की गयी। छात्रों और शिक्षकों की संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि निष्कासित तीनों छात्रों का दोबारा प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा।
राजकीय इंटर कालेज में हुई बैठक में प्रधानाचार्य पूरन सिंह भंडारी ने कहा कि विद्यालय की रूटीन चेकिंग के दौरान तीन छात्र विद्यालय परिसर के एक कोने में नशे में धुत मिले थे।
अध्यापकों ने जब उन्हें पकड़ा तो वे अभद्रता पर उतर आए। आरोपी छात्रों ने प्रधानाचार्य कार्यालय के समीप शिक्षक खुशाल सिंह रावत और अजय कुमार पर हमला बोल दिया।
प्रधानाचार्य के हस्तक्षेप करने पर छात्रों ने उनका भी कालर पकड़ लिया था। प्रधानाचार्य ने स्कूल में पुलिस बुलाई और तीनों के अभिभावकों को भी बुलाया।
अभिभावकों ने अपने बच्चों की गलती स्वीकार कर ली लेकिन विद्यालय प्रबंधन ने तीनों को निष्कासित कर दिया। बैठक में छात्रों ने स्कूल में अनुशासन को बनाए रखने के लिए हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
साथ ही ऐसी हरकत करने वाले छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय में गणित, भौतिकी, रसायन और हिंदी के प्रवक्ता नहीं हैं।
एलटी के शिक्षकों से इंटर की कक्षाओं में पठन-पाठन कराया जा रहा है। अनुशासन बनाए रखने के लिए विद्यालय में शिक्षकों द्वारा रूटीन चेकिंग की जाती है। इस तरह की अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।