हिम्मतपुर मल्ला श्री विहार कालोनी फेज -2 स्थित घर में एक युवक बिस्तर पर मृत पड़ा मिला। युवक के बाएं हाथ की नस कटी थी और चेहरा नीला पड़ा था।
पुुलिस ने खिड़की का शीशा तोड़कर शव को बाहर निकाला। पुलिस का अनुमान है कि जहर खाने के बाद हाथ की नस काटकर युवक ने आत्महत्या की होगी।
पूछताछ से पता चला कि युवक अपने परिवार का इकलौता बेटा था। इन दिनों घर पर वह अकेला था। रक्षाबंधन के लिए उसकी मां अपने भाई के पास दुबई गयी हैं।
कमरे की तलाशी के दौरान सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस युवक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालकर प्रेम प्रसंग के एंगल से भी घटना की जांच कर रही है।
हिम्मतपुर मल्ला श्री विहार कालोनी फेज -2 निवासी दिव्यांशु तिवारी (26) पुत्र स्व. ललित मोहन तिवारी लामाचौड़ स्थित ह्वाइट हाल स्कूल में एकाउंटेंट था और ट्यूशन भी पढ़ाता था।
सोमवार को मकान के भूतल पर रहने वाली महिला किराएदार ने दिव्यांशु को आवाज लगाई तो अंदर से कोई उत्तर नहीं मिला। इसके बाद ह्वाइट हाल स्कूल के कर्मचारी उसे बुलाने के लिए आए।
उन्होंने खिड़की के शीशे से अंदर झांककर देखा तो दिव्यांशु बिस्तर पर बेसुध पड़ा था। घटना की सूचना मिलने के बाद मुखानी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने खिड़की का शीशा तोड़कर दरवाजा खोला।
इसके बाद कमरे में जाकर मौके का मुआयना किया। युवक के बाएं हाथ की नस कटी थी। बिस्तर में खून सूखा था और चेहरा नीला पड़ा था। पुलिस का अनुमान है कि जहर खाने के बाद युवक ने ब्लेड से नस काटी होगी।
तलाशी के दौरान पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में ले लिया। पूछताछ से पता चला कि दस दिन पहले युवक की मां आशा तिवारी रक्षाबंधन के लिए अपने भाई पुष्कर सती के पास दुबई गयी हैं।
घटना की सूचना मिलने पर बड़ी बहन गरिमा अपने पति पीयूष के साथ घर पर पहुंची। उन्होंने बताया कि दिव्यांशु एमबीपीजी कालेज से प्राइवेट बीए कर रहा था। थानाध्यक्ष एके वर्मा को आशंका है कि युवक का किसी से प्रेम प्रसंग तो नहीं चल रहा था।
युवक के मोबाइल की कॉल डिटेल से इस मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रविवार शाम से था मोबाइल स्विच ऑफ
दोस्त धीरेंद्र नैनवाल ने बताया कि रविवार को दिव्यांशु ट्यूशन पढ़ाने गया था। उसने ट्यूशन के बाद दिव्यांशु से स्कूटी से घर छोड़ने को कहा था। उसने फोन किया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ था।
नीलियम कालोनी निवासी दोस्त मयंक ने बताया कि ट्यूशन पढ़ाते समय दिव्यांशु से बात हुई थी। कुछ देर बाद शाम छह बजे उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
युवक के जीजा पीयूष ने बताया कि रक्षाबंधन पर वह घर पर आए थे। दिव्यांशु ने किसी समस्या के बारे में नहीं बताया।
चाचा ने की जांच की मांग
भतीजे की मौत की सूचना मिलने पर कुसुमखेड़ा में रहने वाले चाचा हरीश तिवारी भी घर पर पहुंच गए। उन्होंने घटना के संबंध में थानाध्यक्ष एके वर्मा से गहनता से जांच करने की मांग की।
उधर पुलिस ने डस्टबिन में पड़े कागजों को भी खंगाला लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला। पासवर्ड के चलते दिव्यांशु का मोबाइल भी नहीं खुल पाया।