डीआईजी रेंज की ओर से जाली नोटों को पहचानने के लिए एफटीआई में 15 दिसंबर को प्रशिक्षण सेमिनार आयोजित किया जाएगा। सेमिनार में रिजर्व बैंक के अधिकारियों की टीम कुमाऊं रेंज के पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी भी शामिल होंगे।
जाली नोटों को पकड़ने के लिए चिंतित रिजर्व बैंक ने पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि देश विरोधी कुछ तत्व देश के विभिन्न हिस्सों में जाली नोट सप्लाई कर रहे हैं। उनका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना है। जाली नोटों को पकड़ने के लिए पुलिस ही कारगर हो सकती है।
डीआईजी ने सेमिनार के लिए एसपी सिटी यशवंत सिंह को नोडल आफिसर बनाया है। एसपी सिटी ने रिजर्व बैंक के अधिकारियों से राय लेने के बाद एफटीआई में 15 दिसंबर को सेमिनार की तिथि तय की है। इस सेमिनार में रेंज के छह जिलों के पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी भाग लेंगे।
रिजर्व बैंक की टीम स्लाइड के माध्यम से नेपाल और पश्चिम बंगाल के रास्ते से भेजी गई जाली नोटों की तस्करी के बारे में बताएगी। सेमिनार में यह भी बताया जाएगा कि असली और नकली नोटों के बीच फर्क क्या है।
देश में सप्लाई की गई नकली नोट में किस प्रकार से बरामद की जाएगी। बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में सेमिनार कराने के लिए डीआईजी पीएस सैलाल को निर्देश दिए थे।