भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में शुक्रवार शाम खीनापानी के पास कोसी में नहाते समय एक इंस्पेक्टर नदी की तेज धार में बह गए। दिनभर हुई खोजबीन के बावजूद पुलिस इंस्पेक्टर का कहीं पता नहीं चला है। खोजबीन अभियान रविवार को भी चलेगा।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को होली के बाद धारचूला के पांगू क्षेत्र निवासी राजेंद्र सिंह खुन्नू (60) पुत्र हयात सिंह शाम चार बजे अपने दोस्त इंस्पेक्टर संजय सिंह गर्ब्याल, एसबीआई कर्मी सैनू सिंह दत्ताल और जिला कोआपरेटिव बैंक कर्मी सैनू सिंह तितियाल के साथ नहाने के लिए आफिस कालोनी अल्मोड़ा से खीनापानी क्षेत्र में कोसी पहुंचे थे। नहाते समय राजेंद्र सिंह खुन्नू का पैर फिसल गया और वह नदी की तेज धार में बहने लगे। दोस्तों ने राजेंद्र सिंह को बचाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
मौके पर मौजूद दोस्तों ने घटना की सूचना अल्मोड़ा और खैरना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही खैरना के चौकी प्रभारी देवनाथ गोस्वामी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और आसपास के ग्रामीणों ने शुक्रवार देर रात तक नदी में लापता हुए राजेंद्र सिंह की खोजबीन की। शनिवार को पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे दिन नदी में अलग अलग स्थानों पर राजेंद्र सिंह की खोजबीन की गई। खोजबीन के लिए गोताखोरों की दो टीमें नैनीताल और एक टीम हल्द्वानी से बुलाई थी। स्थानीय गोताखोर भी इस काम में लगे थे।
घटना की सूचना मिलने पर अल्मोड़ा के एसएसपी तरुन सिंह नगन्याल, एसडीएम चंद्र सिंह मर्तोलिया, तहसीलदार नितेश डागर, नैनीताल के एएसपी गिरजाशंकर पांडे, हल्द्वानी के सीओ राजेंद्र सिंह हयांकी, अल्मोड़ा के सीओ बहादुर सिंह चौहान, भवाली के कोतवाल हरीश चंद्र पांडा, कानूनगो डीडी जोशी, पटवारी प्रवीन हयांकी समेत पुलिस के कई अधिकारी और स्थानीय लोग मौके पहुंचे।
इसी माह सेवानिवृत्त होने वाले थे राजेंद्र
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मूल रूप से पांगू धारचूला क्षेत्र निवासी राजेंद्र सिंह खुन्नू इसी माह 31 तारीख को विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले थे। वर्तमान में वह अल्मोड़ा में ऑफिसर्स कालोनी में अपनी पत्नी कला देवी के साथ रह रहे थे। उनके दो पुत्र हैं।
इससे पहले भी नदी में हो चुके हैं कई हादसे
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में कोसी नदी के किनारे कई ऐसे स्थान हैं, जो तैराकी अथवा नहाने के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित होते हैं। कोसी में काकड़ीघाट, झूलापुल के पास, ज्याड़ी, लोहाली, खीनापानी और छड़ा में नदी में ऐसे स्थान हैं जो दिखने में तो सामान्य लगते हैं, लेकिन इन स्थानों पर पिछले वर्षों में नहाते समय कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं। बावजूद इसके सिंचाई विभाग ने ऐसे खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए हैं।