विजिलेंस विभाग की टीम ने नानकमत्ता मंडी में ढाबा मालिक से तीन हजार रुपए घूस लेते एक सिपाही को मंगलवार की दोपहर धर दबोचा। आरोप है कि सिपाही ने ढाबा मालिक से प्रतिमाह पांच हजार रुपए सुविधा शुल्क तय किए थे। ढाबा मालिक ने अन्य दो हजार माह के अंत में देने का वादा किया था।
ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता के सिद्धि नवदिया निवासी बलजिंदर सिंह पुत्र केहर सिंह ने सोमवार को एसपी विजिलेंस पंकज भट्ट को कार्यालय में आकर बताया कि उसका नानकमत्ता मंडी में ढाबा है। आरोप है कि यहां स्थानीय थाने में तैनात सिपाही (जल पुलिस) रोहित कुमार उससे पांच हजार रुपए सुविधा शुल्क मांग रहा है। एसपी ने मामले की जांच निरीक्षक केवलानंद आर्या से कराई।
जांच में आरोप सही मिलने पर एसपी ने सिपाही को पकड़ने के लिए केवलानंद के नेतृत्व में निरीक्षक दीवान राम आर्या, मुख्य आरक्षी पूरन चंद्र पंत, दीपक सिंह अधिकारी को भेजा। मंगलवार की दोपहर टीम में शामिल लोग ढाबे के पास छिप गए। जैसे की ढाबे मालिक ने सिपाही को 3000 रुपए दिए। टीम में शामिल लोगों ने सिपाही को धर दबोचा। पाउडर लगे रुपए को पानी में डालने पर सिपाही का हाथ लाल हो गया। इस मामले में विजिलेंस की टीम ने सिपाही के खिलाफ धारा 7/13(1)डी सपठित 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार सिपाही मूलरूप से हरिद्वार जिले के मंगलौर का रहने वाला है। इस मामले की जानकारी मिलने पर सतर्कता निदेशक ने टीम को पांच हजार रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।