मटर व्यवसायी पर हमले के मामले में पुलिस साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए शीघ्र ही दिल्ली जाएगी। व्यवसायी के पुलिस की कहानी पर सवालिया निशान लगाने पर एसएसपी ने जांच अधिकारी को बदलकर जांच एसएसआई एनबी भट्ट को सौंप दी है, लेकिन नए जांच अधिकारी के समक्ष भी व्यवसायी ने बयान दिया कि गोली चलाने में एक नहीं दो लोग शामिल थे।
व्यवसायी जोगराज उर्फ राजू बिष्ट पर 30 अक्तूबर की रात बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने अस्पताल में घायल व्यवसायी का बयान लेने के बाद तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में पहले तत्कालीन सीओ जीसी टम्टा ने कहा था कि व्यवसायी का गोरखपुर निवासी पार्टनर मनोज कनौडिया से 50 लाख के लेनदेन का विवाद चल रहा था।
उपनिरीक्षक विनोद जोशी ने जोगराज के दिल्ली निवासी पार्टनर को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। बताया गया कि जोगराज पर दिल्ली के व्यवसायी का 90 लाख रुपए बकाया था। इसी कारण उसने अकेले दिल्ली से आकर गोलियां चलाई और कार से लौट गया। व्यवसायी ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को बताया कि उस पर दो लोगों ने गोलियां चलाई थी। पुलिस की तफ्तीश सही नहीं है।
इस पर एसएसपी ने कोतवाली के एसएसआई एनबी भट्ट को नया जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया। एसएसआई के समक्ष व्यवसायी ने फिर बताया कि दो लोगों ने उस पर गोलियां चलाई थी। इस मामले में यह पेच है कि घटनास्थल पर दिल्ली के व्यवसायी के ड्राइवर की लोकेशन मिली थी। इसी कारण पुलिस साक्ष्य के लिए दिल्ली जाने की तैयारी में है।