खुद को पीसीएस अधिकारी बताकर ठग ने एक व्यवसायी को साढ़े तीन लाख रुपए का चूना लगा दिया। इसके अलावा पिथौरागढ़ और बागेश्वर की कई युवतियों से नौकरी दिलाने के नाम पर भी उसने ठगी की है।
शक होने पर व्यवसायियों ने पीटकर उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने ठग को गिरफ्तार कर उसके पास से चार एटीएम कार्ड बरामद किये हैं। आरोपी बागेश्वर जिले का रहने वाला है।
नवीन मंडी के निकट बोरा फार्म निवासी त्रिलोक चंद्र गुप्ता की मटरगली में कपड़ों की दुकान है। दुकान पर डेढ़ साल पहले कपड़ा खरीदने के लिए आए चारु चंद्र जोशी ने बताया कि उसका पीसीएस में चयन हो गया है। शीघ्र ही वह हल्द्वानी में एसडीएम बनकर आने वाला है।
चारु ने त्रिलोक के बेटे हर्षित से दोस्ती कर ली। व्यवसायी के असलहा का लाइसेंस किसी कारण से स्वीकृत नहीं होने की जानकारी मिलते ही चारु ने हर्षित को लाइसेंस बनवाने का भरोसा दिलाया। भरोसे के लिए उसने अपने पास से दो असलहे भी दिखाए।
विश्वास में आकर व्यवसायी ने असलहा और लाइसेंस बनाने के लिए 10 मई को उसे तीन लाख रुपए दे दिये। इसके बाद व्यवसायी ने अपने नौकर को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए भी चारु को 15 हजार रुपए एडवांस दे दिये।
इसी प्रकार चारु ने नर्सिंग डिप्लोमा कर चुकी डीडीहाट की पूजा पंत से नौकरी लगाने के लिए एक लाख 90 हजार रुपए लिये थे। इसके अलावा ठग ने द्वाराहाट की निशा पटवाल, निशा पंत, पूनम से भी नौकरी लगाने के लिए दस से लेकर 15 हजार रुपए लिए थे।
शक होने पर त्रिलोक चारु से रुपए वापस मांगने लगा। छानबीन करने पर पता चला कि चारु चंद्र जोशी पुत्र उमेश जोशी बागेश्वर जिले के सिल्ली गरुड़ का रहने वाला है। वह हल्द्वानी में अपने जीजा के यहां लालडांठ में रहता है। पता चला कि उसने 17-18 लोगों के साथ ठगी की है।
बुधवार को चारु की भुक्तभोगियों ने पिटाई करने के बाद कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने व्यवसायी की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को आशंका है कि चारु के साथ ठगी में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
नौकरी नहीं मिली तो करने लगा ठगी
चारु चंद्र जोशी ने पुलिस को बताया कि उसने बरेली से फार्मेसिस्ट का डिप्लोमा किया है। नौकरी नहीं मिलने पर वह ठगी करने लगा। पुलिस उसके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। इस मुकदमे की विवेचना चौकी प्रभारी मंगल पड़ाव अजेंद्र प्रसाद कर रहे हैं।