नगर निगम से पालीथिन चोरी के मामले में पुलिस की शक की सुई नगर निगम के कर्मियों की ओर घूम गई है। भोटिया पड़ाव चौकी पुलिस ने बुधवार को पीआरडी के तीन जवानों से पूछताछ की है, जबकि इससे पहले कर अधीक्षक सहित अन्य कर्मचारियों के भी पुलिस अलग-अलग बयान ले चुकी है।
नगर निगम के बंद कमरे से 60 किलो पालीथिन चोरी के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी विनोद जोशी ने इस मामले में कर अधीक्षक के साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के बयान लिए। छानबीन से पता चला कि नगर निगम की बाहरी सुरक्षा के लिए 24 घंटे की तीन पालियों में एक-एक जवान तैनात रहते हैं। विवेचक ने पीआरडी जवान सुल्तानपुर नगरी निवासी धनपाल, खुशहालनगर निवासी गजेंद्र लाल, लामाचौड़ निवासी प्रकाश चंद्र से पूछताछ की।
पीआरडी जवानों ने बताया कि उन्हें ठेलियां, रिक्शा रखवाने और बाहरी लोगों के प्रवेश करने उनका नाम-पता नोट करने की जिम्मेदारी है, जिस कमरे से पालीथिन चोरी हुई है, उसका ताला नहीं टूटा है। किसी गोदाम या कमरे की चाबी पीआरडी जवानों के पास नहीं रहती है। कर्मचारी ही सामान निकालते और रखते हैं। ऐसे में कौन सा कर्मचारी सामान लेकर गया और कितना सामान रखा है, इसकी जानकारी जवानों की नहीं रहती है। आवागमन रजिस्टर चेक करने के बाद जवानों को छोड़ दिया गया।
वेतन रोकने से अटकी जवान की शादी
पीआरडी जवानों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों ने उनका वेतन तीन माह से रोका है। अभी पीआरडी जवान धनपाल की शादी होने वाली है। पैसा नहीं मिलने पर धनपाल के परिवार की आर्थिक हालत खराब हो गई है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि चोरी के चलते उनका वेतन रोका गया है। नगर निगम की व्यवस्था से क्षुब्ध होकर जवानों ने बुधवार से अवकाश पर जाने का निर्णय ले लिया।